Meerut News: सोने की बढ़ती कीमतों के बीच बाजार में बढ़ी गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की मांग, कम बजट में मिल रहे पसंदीदा गहने
मेरठ में सोने की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों और कारोबारियों को चिंतित कर दिया है। त्योहारों के मौसम में 18 कैरेट और 9 कैरेट के गहनों के साथ गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की मांग भी बढ़ रही है जिसे पुराने जमाने में सोने का पानी चढ़ी ज्वेलरी कहा जाता था। ग्राहक कम बजट में मनपसंद गहने खरीदने के लिए गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की ओर रुख कर रहे हैं।

जागरण संवाददाता, मेरठ। हर दिन बढ़ते सोने के भाव इस पीली धातु के प्रति लोगों की रुचि और बाजार की चाल दोनों ही बदल रहे हैं।
सोने की बढ़ती कीमतें ग्राहक और कारोबारी दोनों को परेशान कर रही हैं। ऐसे में इस त्योहारी सीजन में बाजार में कभी 18 कैरेट में बने गहनों की बात सामने आती हैं, तो वहीं बड़े-बड़े ब्रांड इस दीपावली सीजन में नौ कैरेट में बने सोने के आभूषण बाजार में उतारने को तैयार हैं। इतना ही नहीं इस समय गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की मांग भी बढ़ रही है।
जिसे पुराने जमाने में सोने का पानी चढ़ी हुई ज्वेलरी कहा जाता था। सोने की कीमत बढ़ने से एक बार फिर इनका बाजार तेजी पकड़ रहा है।
18 कैरेट ज्वेलरी की बात हो, नौ कैरेट या फिर गोल्ड प्लेटेड गहनों की मांग का बढ़ना। सोने की कीमत बढ़ने से अब बाजार का मिजाज बदलता नजर आ रहा है।
ग्राहक कम बजट में मनपसंद गहनों की खरीदारी करने के लिए गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की ओर रुख करने लगे है, और आने वाले समय में गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी के भी शहर में बड़े बड़े ब्रांडेड शोरूम होंगे।
इस समय भी बाजार में गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी में पारंपरिक हैवी ज्वेलरी के डिजाइन से लेकर हैवी सेट, बैंगल, झुमके, कुंडल और चेन तक शामिल है।
जिन्हें देखकर 22 कैरेट में बने सोने के गहनों और गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी में अंतर करना मुश्किल है, क्योंकि इन गहनों पर भी 24 कैरेट गोल्ड का प्रयोग किया जाता है। जिससे इनकी चमक भी सोने के आभूषणों के सामान ही होती है।
कारोबारियों का कहना है कि गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की लंबे समय तक चमक बनाए रखने के लिए इसे पानी और अन्य रसायनों बचा कर रखना चाहिए।
ये इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्रक्रिया द्वारा तैयार की जाती है। जिसमें चांदी या अन्य धातु के बने गहनों पर सोने की एक पतली परत चढ़ाई जाती है, और लाखों रुपये की ज्वेलरी को कुछ हजार रुपये में खरीदा जा सकता है।
चांदी के अलावा ब्रास, कापर और लेड पर सोने का पानी चढ़ाया जाता है। हालांकि अब चांदी की कीमत बढ़ने से चांदी के गहनों पर कम हो गया है। हम प्रति पीस और प्रति किलो गहनों के हिसाब से सोने का पानी चढ़ाते हैं। सोने की कीमत बढ़ने गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की कीमत भी बढ़ रही है। -अनुराग अग्रवाल, सत्यम एंड कंपनी नील गली
गोल्ड एंड सिल्वर प्लेटिंग नील गली के अमनदीप वर्मा कहते हैं कि गहनों पर सोने का पानी चढ़ाना बहुत पुरानी पद्धति है। जिसमें लोग कम बजट में अपने मनपसंद गहनों को सोने का पानी चढ़वाकर पहनते हैं।
इसके अलावा इन्हें मूर्तियों पर भी किया जाता है। हालांकि इन गहनों को अधिक इस्तेमाल करने से इसकी पॉलिश उतर जाती है।
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