Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पश्चिम यूपी की तरफ भी टूरिस्ट होंगे आकर्षित, यूपी सरकार 3 करोड़ की लागत से करने जा रही बड़ा बदलाव

    Updated: Fri, 15 Aug 2025 02:40 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ में महाभारत सर्किट परियोजना के लिए तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस राशि से हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ स्थित शृंगी ऋषि आश्रम का पर्यटन विकास किया जाएगा। हस्तिनापुर के विकास के लिए एक करोड़ रुपये और शृंगी ऋषि आश्रम के लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हस्तिनापुर में पर्यटन विकास पर बल दिया था।

    Hero Image
    तीन करोड़ से होगा महाभारत कालीन स्थलों का पर्यटन विकास

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना के तहत शासन ने मेरठ में ‘महाभारत सर्किट’ परियोजना के लिए तीन करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ स्थित शृंगी ऋषि आश्रम का पर्यटन विकास कराया जाएगा।

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि हस्तिनापुर के विकास के लिए एक करोड़ रुपये और शृंगी ऋषि आश्रम के पर्यटन विकास के लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि संबंधित स्थलों तक सड़कों के विकास, सूचना बोर्डों, पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना तथा विश्राम स्थलों के निर्माण पर खर्च की जाएगी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि महाभारत सर्किट उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को नई पहचान देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। हस्तिनापुर के विकास को नया आयाम मिलेगा चार अगस्त को सीएम योगी आदित्यनाथ ने हस्तिनापुर में पर्यटन के विकास को लेकर जनप्रतिनिधियों से चर्चा की थी।

    बाद में पर्यटन विभाग ने कार्य योजना तैयार कर शासन को प्रेषित की। गुरुवार को हस्तिनापुर के पर्यटन के विकास के लिए एक करोड रुपए की घोषणा से हस्तिनापुर के विकास को नया आयाम मिलेगा। इससे पूर्व भी पर्यटन विभाग द्वारा नगर में लगभग 15 करोड रुपए से विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिसमें पांच द्वार, शिलापट्ट व मंदिर तक जाने का मार्ग शामिल है।

    प्राचीन समय में हस्तिनापुर भारतवर्ष की राजधानी रही है। आज भी उस काल की गीता और महाभारत का गौरव कायम है, लेकिन काल के थपेड़ों ने भारत को यह गौरव देने वाले हस्तिनापुर की गौरव गाथा को निगल लिया।हस्तिनापुर में पुराने गौरव के अवशेष तिनके तिनके बिखरे पड़े है।