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    नदियों में नहीं... यूपी के इस जिले में तो नालों में आ गया उफान, घरों-दुकानों में घुसी गंदगी

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 10:05 PM (IST)

    मेरठ में भारी बारिश के कारण शहर में जलभराव हो गया जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी भर गया। नगर निगम और कैंट क्षेत्र की सड़कें लबालब हो गईं। अस्पतालों में भी जलभराव से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हुई। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में बारिश के कारण एक पेड़ गिर गया।

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    बरसात में उफने नाले, सड़कें लबालब, घरों-दुकानों में घुसा पानी

    जागरण संवाददाता,मेरठ। जलनिकासी के इंतजामों की पोल एक फिर बरसात ने खोल दी। शहर का कोई मुहल्ला-कालोनी ऐसी न बची जहां पर जलभराव की स्थिति न बनी हो। नगर निगम और कैंट क्षेत्र की सड़कें लबालब हो गईं। कई मुहल्लों और बाजार क्षेत्रों में घरों-दुकानों में पानी भरने से लोग परेशान हो गए। जलनिकासी के लिए नगर निगम को फोन करते रहे। महापौर-नगर आयुक्त को भरे पानी में उतरना पड़ा।

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    सुबह से लेकर दोपहर दो बजे तक रुक-रुक कर बरसात होती रही। लेकिन तेज बरसात सुबह ही हुई। जिससे शहर के नाले उफन गए।

    सबसे ज्यादा जलभराव की स्थिति शास्त्रीनगर नई सड़क, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के गेट से लेकर अंदर परिसर तक, खैरनगर छतरी पीर तिराहे से जलीकोठी तक, खैरनगर दवा बाजार, रेलवे रोड पर हुई। बच्चा पार्क चौराहे से थापर नगर वाली रोड और नाला एक हो गया।

    यहां से गुजरने वाले वाहन बच-बच कर निकलते रहे। दिल्ली रोड पर रामलीला ग्राउंड के पास आरआरटीएस द्वारा किए जा रहे नाला निर्माण के चलते जलनिकासी बाधित होने से सड़क पर पानी भर गया। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने यहां पहुंचकर जलनिकासी के लिए पंप लगवाने के निर्देश निगम अधिकारियों को दिए।

    माधवपुरम में पार्षद दीपक वर्मा के साथ सीवर और नाले उफनने से हुए जलभराव की स्थिति देखी। यहां भी पंप लगवाए गए। दिल्ली रोड पर ही पेट्रोल पंप परिसर जलमग्न हो गया। औद्योगिक क्षेत्र स्पोर्ट्स कांप्लेक्स सहित आसपास के क्षेत्रों में पहले की तरह एक बार फिर जलभराव हुआ।

    कैंट क्षेत्र में हमेशा की तरह लालकुर्ती फवारा चौक बाजार में नाले का पानी उफनकर सड़कों पर आ गया। पांडवनगर में जी ब्लाक में पानी भरने से लोग घरों में कैद हो गए। कई घरों में पानी घुस गया। मलियाना, किशनपुरा, चंद्रलोक कालोनी में भी घरों में पानी घुसने की स्थिति बनी।

    रेलवे रोड स्थित थाना परिसर जलमग्न हो गया। स्थिति ये रही है कि पूरे शहर की जलनिकासी का दावा करने वाला नगर निगम का परिसर भी बरसात के पानी से लबालब हो गया। सुनियोजित विकास का दावा करने वाला मेरठ विकास प्राधिकरण का हाल भी यही रहा।

    निगम कार्यालय के सामने बाजार की दुकानों में पानी भर गया। घंटाघर के आसपास भी जलभराव से दुकानदार परेशान रहे। जलभराव से स्कूटी व बाइक फंस गए। लोग खींचते हुए नजर आए। नवीन सब्जी मंडी में जलभराव से बुरा हाल रहा।

    मेडिकल कालेज में भरे पानी से जाने को मजबूर हुए मरीज-तीमारदार

    लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज की इमरजेंसी और टीबी विभाग की ओपीडी के सामने एक बार फिर जलभराव हुआ। यहां पूर्व में हुए जलभराव से कोई सबक नहीं लिया गया। इससे इमरजेंसी आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भरे पानी से होकर आना-जाना पड़ा।

    मरीजों व घायलों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। एंबुलेंस भी पानी से ही आती-जाती रहीं। यही स्थिति महिला जिला अस्पताल के अंदर और बाहर रही। अस्पताल के बाहर छतरी पीर तिराहे पर उफने नाले का गंदा पानी भरा और परिसर में घुस गया। इसमें एंबुलेंस फंसी रही।

    विश्वविद्यालय में गिरा पेड़

    चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के बाहर बरसात के दौरान एक पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि इस दौरान आसपास कोई नहीं था। पास में ही खेल विभाग भी है।