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    विभाजन के समय जो हुआ वह भयानक था, लाखों परिवारों ने झेली त्रासदी; पाकिस्तान से मेरठ आए थे कई परिवार

    मेरठ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों को सम्मानित किया गया। विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई। सांसद अरुण गोविल ने विस्थापित परिवारों की दर्दनाक कहानियों का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें याद रखना जरूरी है। कार्यक्रम में विस्थापितों ने अपने अनुभव साझा किए और छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

    By anuj sharma Edited By: Aysha Sheikh Updated: Thu, 14 Aug 2025 07:06 PM (IST)
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    विभाजन के समय जो हुआ वह भयानक था, लाखों परिवारों ने झेली त्रासदी

    जागरण संवाददाता, मेरठ। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पाकिस्तान विस्थापित होकर मेरठ आने वाले परिवार के लोगों को सम्मानित किया गया। विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

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    विभीषिका स्मृति प्रदर्शनी आयोजित की गई और विभीषिका से जुड़ी डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। विभाजन के दौरान हुई त्रासदी का मंजर देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। सम्मानित होने वाले विस्थापित परिवारों के सदस्यों ने भी अपने परिवार के पाकिस्तान से मेरठ तक पहुंचने की कहानी सुनाई।

    चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित समारोह में विभाजन विभीषिका को प्रदर्शित करते चित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। जिसे कार्यकर्म में पहुंचे स्कूली बच्चों, शिक्षकों, अतिथियों और शहर के लोगों ने देखा। कार्यक्रम के दौरान विभीषिका से संबंधित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया।

    विभाजन के दौरान हुई त्रासदी देखकर लोग रो पड़े। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद अरूण गोविल, राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। सबसे पहले विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

    मुख्य अतिथि सांसद अरूण गोविल ने कार्यक्रम में कहा कि विभाजन के दौरान जो परिवार विस्थापित हुए उनकी दर्दनाक कहानी सुनने में ही भयावह है। जिन परिवार और लोगों के साथ यह घटित हुआ उन्होंने इसे कैसे सहन किया होगा? यह सोचकर ही सिहरन होती है।

    इस दौरान बलिदान देने वाले लोगों को याद रखना तथा नई पीढी को इसकी जानकारी देना जरूरी है। विभाजन के समय जो खराब हालात पैदा हुए उन्हीं ने पीड़ितों को अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मुसीबत झेलने वाले परिवार आज भारत देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह प्रयास सफल साबित हो रहा है। आपरेशन सिंदूर में मजबूत भारत की तस्वीर को दुनिया ने देखा है। इस दौरान विस्थापित परिवार के सदस्यों ने विभाजन के दौरान के घटनाक्रम को बयां किया। राजेश दीवान ने बताया कि सियालकोट में उनके परिवार की हवेली थी।

    पलायन के दौरान मारकाट मची तो परिवार के लोग सबकुछ छोड़कर भाग निकले। उन्होंने कहा कि पलायन के दौरान जो हुआ वह बहुत भयानक था। लाखों परिवारों ने उसे झेला है। जिस धरती ने हमे अपनाया वह वंदनीय है।

    इस दौरान विस्थापित परिवार के सदस्यों सरबजीत सिंह कपूर, मनमोहन सिंह आहूजा, रवि बोहरा, नवीन अरोडा, राजेन्द्र सिंह, राज कोहली, राजेश दीवान, पवन सोंधी, सुरेश छाबडा, विक्की तनेजा, तिलक नारंग को सांसद अरूण गोविल, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी द्वारा शाल पहनाकर, उपहार व पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में आरजी इंटर कालेज, सनातन धर्म इंटर कालेज, सेठ बीके माहेश्वरी इंटर कालेज, प्राथमिक विद्यालय गांवडी के छात्र-छात्राओ द्वारा देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में सीडीओ नूपुर गोयल, नगर मजिस्ट्रेट नवीन कुमार श्रीवास्तव, पीडी डीआरडीए सुनील कुमार सिंह, बीएसए आशा चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी छात्र-छात्राएं, आंगनबाडी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।