बाइक सवार युवक के साथ ऐसा क्या हुआ जो उसने घर आकर कर ली आत्महत्या, रस्सी से लटका मिला शव
मेरठ के कंकरखेड़ा में श्यामदेव के पुत्र धीरज ने अज्ञात युवकों द्वारा लूटपाट के बाद आत्महत्या कर ली। धीरज मां के गहने छुड़ाने गया था जहाँ उससे तीन लाख रुपये बाइक और मोबाइल छीन लिए गए। घटना के बाद उसने घर पर फांसी लगा ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है लेकिन लूट की सूचना न देने के कारण मामला संदिग्ध लग रहा है।

जागरण संवाददाता, मोदीपुरम। कंकरखेड़ा में मां के गहने छुड़ाने गए युवक से तीन लाख रुपये, बाइक और मोबाइल छीनने के बाद उसको पांच, छह अज्ञात युवकों ने पीटा। युवक अपने घर पहुंचा, मगर उसने इस घटना की जानकारी न तो अपने स्वजन और न ही पुलिस को दी।
जिसके बाद युवक ने अपने घर के कमरे में पंखें से रस्सी का फंदा अपने गले में डालकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव पीड़ित स्वजन को सौंप दिया। जिसके बाद शनिवार शाम को पीड़ित स्वजन ने शव का अंतिम संस्कार किया।
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में गोविंदपुरी डाकखाना वाली गली निवासी श्यामदेव रोडवेज बस के चालक हैं। श्यामदेव ने बताया कि उनका 24 वर्षीय पुत्र धीरज फाइनेंस कंपनी में काम करता था। शुक्रवार सुबह धीरज को उसके पिता ने तीन लाख रुपये देकर पत्नी के गहने छुड़ाने मणप्पुरम गोल्ड लोन के लिए भेजा था।
कहा कि राठी हास्पिटल के पास पहुंचते ही पांच, छह युवक आए और धीरज को घेरकर पिटाई की। आरोप है कि धीरज से तीन लाख रुपये, बाइक और मोबाइल भी छीन लिया। जिसके बाद धीरज अपने घर गया। मगर, उसने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं दी।
धीरज के गाजियाबाद निवासी चाचा प्रदीप ने बताया कि उस समय घर पर धीरज की बीमार मां विमला थी। धीरज अपने कमरे में गया और दरवाजा बंद कर लिया। देर शाम धीरज का छोटा भाई प्रिंस घर पहुंचा। मां ने धीरज के कमरे में होने की बात प्रिंस से कही।
प्रिंस ने धीरज को आवाज दी, मगर कोई जबाव नहीं मिला। जिसके बाद प्रिंस ने खिड़की से अंदर झांका तो फांसी के फंदे में धीरज का शव लटका हुआ था। चीख पुकार के बीच पड़ोसी जमा हो गए। कमरे के दरवाजे को तोड़कर धीरज को फंदे से उतारकर स्वजन कैलाशी हास्पिटल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
स्वजन शव वापस अपने घर ले गए, जिसके बाद रात में पुलिस को सूचना दी। कमरे से कोई सुसाइड नोट पुलिस को नहीं मिला। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की पड़ताल की। पीड़ित श्यामदेव ने प्रकरण में तहरीर शनिवार को पुलिस को देकर कार्रवाई की मांग की।
इंस्पेक्टर विनय कुमार का कहना है कि रुपये, बाइक और मोबाइल छीनने का प्रकरण संदिग्ध है। इतना सबकुछ छीन लिया, मगर पुलिस और अपने स्वजन को सूचना तक नहीं दी। पीड़ित स्वजन ने गोल्ड रखकर तीन लाख रुपये लोन ले रखा है। सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा रहे हैं, पूरे प्रकरण की जांच कर राजफाश किया जाएगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।