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    SSP सतपाल अंतिल ने इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मी किए लाइन हाजिर, कांवड़िये का लावारिस में हुआ था अंतिम संस्कार

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 09:34 AM (IST)

    मुरादाबाद में कांवड़ लेने गए युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। पहचान न होने पर पाकबड़ा पुलिस ने लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया। मां की शिकायत पर एसएसपी ने लापरवाही बरतने वाले छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया और मामले की जांच के आदेश दिए। मां ने बेटे के साथ गए युवकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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    मुरादाबाद के एसएसपी हैं सतपाल अंतिल। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। साथियों संग बृजघाट से कांवड़ लेने गए अजीत सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए और उनकी मृत्यु हो गई। कुछ पता ना चलने पर मां ने मझोला थाने में गुमशुदगी लिखाई। इधर, टीएमयू में उपचार के दौरान अजीत की मृत्यु का पाकबड़ा थाने मेमो पहुंचा तो 72 घंटे बाद पुलिस ने बगैर तस्दीक कराए लावारिस में पोस्टमार्टम कराया और अंतिम संस्कार कर दिया।

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    मां सर्वेश देवी काे जानकारी हुई तो वह पाकबड़ा थाने पहुंची और कपड़ों से बेटे की पहचान की। तब पुलिस दंग रह गई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने में आनाकानी करने लगी। पीड़ित मां ने एसएसपी को घटना बताई तो वह शाम को पाकबड़ा थाने पहुंच गए।

    27 जुलाई को साथियों संग बृजघाट से कांवड़ लेने के लिए गया था युवक

    पाकबड़ा इंस्पेक्टर विनोद कुमार के साथ घटनाक्रम से जुड़े एसएसआइ सुरेंद्र सिंह, कस्बा चौकी इंचार्ज इजहार अली, दारोगा विशाल चौधरी, हेड मोहर्रिर अमित और कांस्टेबल प्रिया से पूरी जानकारी की। किसी के पास कोई जवाब नहीं था। इस पर एसएसपी निलंबन की चेतावनी देते हुए गए, हालांकि बाद में सभी को सिर्फ लाइन हाजिर किया।

    जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर

    सीओ हाईवे को जांच सौंपकर सात दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है। जिस प्रकार से शुरुआती जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई है। उससे सीओ की जांच के बाद सभी का निलंबन तय माना जा रहा है। पीड़ित मां के शिकायती पत्र पर मुहल्ले के ही दीपक, किशन और सुनील के विरुद्ध लापरवाही पूर्वक वाहन चलाना, मृत्यु होना, चोट पहुंचाने की धाराओं में प्राथमिकी लिखी गई है।

    डिडौली में हुआ था हादसा, मझोला थाने में दर्ज हुई थी गुमशुदगी

    मझोला के एकता कॉलोनी स्थित आजाद नगर निवासी सर्वेश देवी के अनुसार, बेटा अजीत 27 जुलाई को मोहल्ले के ही दीपक, किशन, सुनील समेत चार युवकों के साथ रात करीब आठ बजे बृजघाट से कांवड़ लेने के लिए गया था।

    उसी रात अमरोहा जिले में डिडौली के पास दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर राहगीरों ने बेटे को लहूलुहान स्थिति में देखा। पुलिस पहुंची और बेटे को पाकबड़ा क्षेत्र स्थित टीएमयू अस्पताल में भर्ती करा दिया। 29 जुलाई को बेटे की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले की जानकारी पाकबड़ा पुलिस को दी।

    पाकबड़ा पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार

    पुलिस ने पंचनामा भरकर शव की पहचान नहीं होने पर मोर्चरी में रखवा दिया। जब बेटा घर नहीं पहुंचा, तब 29 जुलाई को मझोला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इधर, तय समय 72 घंटे इंतजार के बाद पाकबड़ा पुलिस ने बेटे का अंतिम संस्कार कराया और बिना पहचान कराए अंतिम संस्कार कर दिया। एक अगस्त की शाम बेटे के बारे में जानकारी मिली, तब पाकबड़ा थाने पहुंचे। कपड़ों के माध्यम से बेटे की पहचान की। पहचान के बाद बेटे के साथ गए तीनों युवकों पर आरोप लगाया और कार्रवाई की बात कही। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तब मां गुरुवार को एसएसपी के पास पहुंची।

    एसएसपी भी घटनाक्रम सुनकर रह गए थे हैरान

    एसएसपी घटनाक्रम सुनकर दंग रह गए। पुलिस की लापरवाही का गंभीर मसला होने पर एसएसपी पाकबड़ा थाने पहुंचे। सभी के बयान दर्ज कराए। फिर मझोला थाने पहुंचे। मझोला थाने पुलिस ने युवक की बृजघाट जाते समय की वीडियो फुटेज एसएसपी को दिखाई। यह भी बताया कि तलाश के साथ ग्रुप में बाकायदा युवक की गुमशुदगी की जानकारी फोटो समेत साझा भी की गई।

    इंस्पेक्टर पाकबड़ा समेत छह पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

    इसी के बाद पाकबड़ा पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई और एसएसपी ने पाकबड़ा इंस्पेक्टर समेत सभी छह पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया। तीनों युवकों पर लिखाई प्राथमिकी में पीड़ित मां ने बेटे के साथ मारपीट करने, नशीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि इसी के बाद बेटे हादसे का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई।

    लाइन हाजिर मतलब छह माह तक प्राइम पोस्टिंग नहीं

    किसी भी पुलिसकर्मी के लाइन हाजिर होने की दशा में भी पूरा वेतन मिलता है। बस छह माह तक प्राइम पोस्टिंग यानी थाने या चौकी में नियुक्ति नहीं दी जाती है। ऐसे में यह कार्रवाई किसी भी पुलिसकर्मी पर बहुत प्रभाव नहीं डालती है। दूसरा जांच रिपोर्ट भी मायने रखती है।

    जांच में दोष पाए जाने पर उसका निस्तारण ना होने तक भी प्राइम पोस्टिंग ना दिये जाने का नियम है। बरहाल, प्रकरण गंभीर है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की मुश्किल बढ़ सकती है क्योंकि इस लापरवाही से एक परिवार अपने लाल को अंतिम समय देख तक नहीं पाया। 

    प्रथमदृष्टया जिन छह पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीओ हाईवे को जांच सौंप सात दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है। उनकी रिपोर्ट पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - सतपाल अंतिल, एसएसपी