इंतजाम हुए दुरुस्त तो भावी अग्निवीरों की राह हुई आसान, मुजफ्फरनगर में युवाओं को पहली बार मिला पक्का ट्रैक
Muzaffarnagar News मुजफ्फरनगर में सेना भर्ती में युवाओं के लिए पहली बार पक्का ट्रैक बनाया गया। इससे युवाओं को कीचड़ में दौड़ने की परेशानी से मुक्ति मिली। पहले युवाओं को चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में दौड़ना पड़ता था कीचड़ की समस्या होती थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर शारीरिक दक्षता परीक्षा को सुगम बनाने के लिए यह बदलाव किया।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। इस बार अग्निवीर सेना भर्ती में सेना और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर कुछ बदलाव किए। युवाओं को शारीरिक दक्षता परीक्षा में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए इंतजाम दुरुस्त किए गए। पहली बार दौड़ पक्के ट्रैक पर हो रही है। इससे युवाओं को पिछली बार की भांति कीचड़ संबंधित समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है। अन्य परीक्षण कार्य के लिए भी सुविधाएं बेहतर की गई, जिससे युवाओं के अग्निवीर बनने की राह आसान हुई है।
जनपद में 22 अगस्त से अग्निवीर सेना भर्ती चल रही है, जिसमें 13 जनपद के लगभग 17 हजार युवा पंजीकृत हैं। इन युवाओं ने पूर्व में सेना की ओर से ली गई लिखित परीक्षा पास की है। प्रतिदिन लगभग एक हजार युवा सुबह पांच बजे से नुमाइश मैदान के अंदर और बाहर दौड़ लगा रहे हैं। जनपद में सेना की यह पांचवीं भर्ती है, जबकि अग्निवीर योजना से दूसरी भर्ती है।
पहली तीन बार सेना भर्ती में विभिन्न जनपद के युवाओं को चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में दौड़ाया गया। दरअसल, भर्ती कार्यक्रम बरसात में होने के चलते युवाओं को परेशानी झेलनी पड़ी थी। वर्ष 2022 में भर्ती के दौरान आए दिन बरसात होती रही, जिसके चलते युवाओं को कीचड़ में दौड़ना पड़ा था, जिससे बड़ी संख्या में युवक घायल हुए थे।
इस बार ऐसा परेशानी सामने न आए, इसके लिए भर्ती अधिकारी कर्नल सत्यजीत बेबले ने डीएम डीएम मिश्रा से बातचीत और भर्ती स्थल का निरीक्षण किया। पूरी कार्ययोजना तैयार की गई, जिसके चलते प्रशासन ने भर्ती शुरू होनेसे चार दिन पहले नुमाइश मैदान के बाद हाट मिक्स रोड बनवा दी। साथ ही नुमाइश मैदान के अंदर कच्चे ट्रैक पर टाइल्स बिछवा दी गई। इससे 400 मीटर का पक्का ट्रैक बन गया। इसी पर भविश्य के अग्निवीर दौड़ पूरी कर रहे हैं।
पहले दौड़े थे 80 हजार, इस बार 17 हजार पंजीकृत
सेना की ओर से भर्ती प्रक्रिया में इस बार बदलाव किया गया है। पहले शुरूआत में दौड़ होती थी, जिसके चलते पिछली प्रत्येक भर्ती में जनपद में लगभग 80 हजार युवाओं ने दौड़ लगाई है। इस बार सेना ने पहले युवाओं से आनलाइन फार्म भरवाए और इसके बाद लिखित परीक्षा ली। जिसमें छटनी के बाद केवल 17 हजार युवा बचे हैं। इन्हीं युवाओं की दौड़ और शारीरिक दक्षता परीक्षण हो रहा है।
स्पोर्ट्स स्टेडियम का नहीं बदलेगा स्वरूप
पिछली बार बरसात में चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में जलभराव होने और युवाओं के दौड़ने से कीचड़ पसर गई थी। आए दिन रेत डालकर ट्रैक को दौड़ने लायक बनाने का प्रयास किया जाता, जिससे स्टेडियम के चारों ओर का स्वरूप बदल गया था। भर्ती के महीनों बाद भी घास नहीं उग पाई थी। मूल स्वरूप में मैदान को लाने के लिए स्टेडियम प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी, लेकिन इस बार यहां केवल लंबी-ऊंची कूद, पुशअप, चिनअप आदि शारीरिक दक्षता परीक्षण ही कराए जा रहे हैं। उप जिला क्रीडाधिकारी भूपेंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस बार दौड़ स्टेडियम में नहीं होने से मैदान को नुकसान नहीं हो रहा है।
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