जिस हत्यारे को मरा हुआ माना, उसकी हो गई पुलिस से मुठभेड़, मुजफ्फरनगर में सामने आया चौंकाने वाला मामला
Encounter in Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर के जानसठ क्षेत्र में गुरुवार रात पुलिस ने मीरापुर की ओर से बाइक पर आते युवक को रुकने का इशारा किया तो वह और तेजी से बाइक लेकर भागने लगा। उसने पुलिस पर भी गोली फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया।

मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। चेकिंग के दौरान पुलिस की 25 हजार के इनामी बदमाश से मुठभेड़ हुई। पुलिस के गोली से बदमाश घायल हो गया। डेढ़ साल पहले वह जेल में बंद था। वह फर्जी दस्तावेज के सहारे अन्य के नाम से 15 दिन में ही जेल से बाहर आ गया था। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने गाजियाबाद में एक व्यक्ति की हत्या कर शव को जला दिया था। स्वजन ने भी उसके शव की पहचान की थी।
पुलिस ने किया रूकने का इशारा तो लगा भागने
गुरुवार रात जानसठ कोतवाली प्रभारी विश्वजीत सिंह खतौली मीरापुर रोड पर मीरापुर दलपत के पास पुलिस फोर्स के साथ चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान मीरापुर की ओर से बाइक पर आते युवक को रुकने का इशारा किया तो वह और तेजी से बाइक चलाकर भागने लगा। साथ ही उसने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पैर में गोली लगने से बदमाश घायल हो गया।
डेढ़ साल पहले की थी राधेश्याम सैनी की हत्या
पूछताछ में उसने अपना नाम अजय उर्फ अजीत सिंह पुत्र किरण पाल सिंह निवासी वंडर सिटी थाना कंकरखेड़ा मेरठ बताया। एसपी देहात अतुल कुमार श्रीवास्तव, सीओ शकील अहमद मौके पर पहुंचे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अजय ने डेढ़ साल पहले राधेश्याम सैनी निवासी नया गांव फैजाबाद थाना जानसठ मुजफ्फरनगर की हत्या की थी। जिसमें वह जेल गया था।
विकास के नाम से जेल से आ गया था बाहर
जेल जाने के 15 दिन बाद फर्जी दस्तावेज के सहारे वह विकास के नाम से जेल से बाहर आ गया था। एक साल पहले गाजियाबाद के निवाड़ी में अपनी पहचान छुपाने के लिए उसने अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर शव को जला दिया था। उसकी पहचान अजय उर्फ अजीत के स्वजन ने अपने पुत्र के रूप में की थी। पुलिस ने उसके पास से एक मोटरसाइकिल, तमंचा और कारतूस बरामद किये है। पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ में भर्ती करा दिया है।
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