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    Noida News: नोएडा में टैम्पर्ड ग्लास बनाने वाली देश की पहली फैक्ट्री का उद्घाटन, हर साल बनेंगे 20 करोड़ पीस

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 11:28 PM (IST)

    नोएडा में केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने ऑप्टिमस इन्फ्राकाम का उद्घाटन किया जो कार्निंग तकनीक से टैम्पर्ड ग्लास बनाएगी। यह मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा क्योंकि पहले यह ग्लास आयात किया जाता था। मंत्री ने डिजिटल भारत की प्रगति और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि पर प्रकाश डाला। कंपनी 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगी जिससे सालाना 20 करोड़ टैम्पर्ड ग्लास का उत्पादन होगा।

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    नोएडा में टैम्पर्ड ग्लास बनाने वाली देश की पहली फैक्ट्री का उद्घाटन (File Photo)

    जागरण संवाददाता, नोएडा। देश में मेक इन इंडिया बढ़ेगा। स्वदेशी को बढ़ावा दिया जाएगा। नोएडा में अब कार्निंग तकनीक से टैम्पर्ड ग्लास बनाए जाएंगे।

    यह इलेक्ट्रानिक उपकरणों की स्क्रीन को सुरक्षित रखेंगे। पहले यह दूसरे देशों से मंगाया जाता था। जल्द ही मेक इन इंडिया चिप्स भी दिखेंगी। ये बातें टैम्पर्ड ग्लास बनाने वाली कंपनी

    ऑप्टिमस इन्फ्राकाम का उद्घाटन करने पहुंचे केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना एवं प्रसारण व रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहीं।

    उन्होंने कहा कि डिजिटल भारत विकास के पथ पर अग्रसर है। बीते 11 वर्ष में इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफैक्चरिंग छह और एक्सपोर्ट आठ गुना बढ़ा है। भारत में मोबाइल, लैपटॉप , हार्डवेयर कंपोनेंट समेत राउटर्स की भी मैन्यूफैक्चरिंग की जा रही है।

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    25 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

    इलेक्ट्रानिक्स में सीधे 25 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। लैपटॉप और सर्वर के सभी कंपानेंट देश में ही बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी। पिछले दिनों 3.5 लाख करोड़ के इलेक्ट्रानिक्स उपकरण निर्यात किए हैं। यह उद्योग 11.5 लाख करोड़ का है।

    बहुत जल्द गोरिल्ला ग्लास से लेकर कवर्ड ग्लास का निर्माण भी देश में ही होगा। देश में इलेक्ट्रानिक्स का इकोसिस्टम विकसित हुआ है। आने वाले दिनों में इसमें क्रांति आएगी।

    800 करोड़ का और निवेश करेगी कंपनी

    वर्तमान में 70 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश के साथ टैम्पर्ड ग्लास की मैन्यूफैक्चरिंग शुरू की है। यहां 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।

    कंपनी जल्द ही 800 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इससे प्रति वर्ष 20 करोड़ टैम्पर्ड ग्लास वर्षभर में तैयार होंगे। 4500 लोगों को इससे रोजगार भी मिलेगा। प्रति वर्ष भारत में 50 करोड़ टैम्पर्ड ग्लास की मांग होती है।

    मोबाइल से टैम्पर्ड ग्लास तक का सफर 

    ऑप्टिमस इंफ्राकाम ने 1995 में भारत में मोबाइल लांच किया था। इलेक्ट्रानिक्स बाजार में यह एक अनूठी पहल थी। कंपनी बीते कई वर्षों से ईयरफोन और अन्य मोबाइल एसेसरीज बना रही है। टैम्पर्ड ग्लास बनाने वाली देश की यह पहली फैक्ट्री है।