Noida Crime: ट्रेडिंग के नाम पर 11.64 करोड़ रुपये की ठगी, कोर्ट ने दिया मामला दर्ज करने का आदेश
ग्रेटर नोएडा में एक व्यापारी से ट्रेडिंग के नाम पर 11.64 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने जैनम ब्रोकिंग और संबद्ध कंपनियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने 10 गुना तक ट्रेडिंग लिमिट का लालच दिया था, जिसके बाद पीड़ित ने खातों में निवेश किया था।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। अदालत ने दादरी कोतवाली पुलिस को ग्रेटर नोएडा के व्यापारी से 11. 64 करोड़ की कथित ट्रेडिंग ठगी में मामला दर्ज कर जांच का आदेश दिया है। ओमीक्रोन-1 निवासी प्रमोद किशोरीलाल शेयर बाजार में इंट्रा-डे, फ्यूचर्स और आप्शंस ट्रेडिंग से जुड़े हैं। वह आइट्रेड एसोसिएट्स और डीजे आइट्रेड कैपिटल साल्यूशंस के माध्यम से कारोबार करते हैं।
इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उन्हें गुजरात के सूरत स्थित जैनम ब्रोकिंग की प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग सेवाओं की जानकारी मिली थी। जैनम के डायरेक्टर जैनम पारेख और आपरेशनल हेड साजिद मेमन ने पीड़ित को झांसे में लिया था। बताया था कि वह व्यक्तिगत ट्रेडिंग कोड उपलब्ध नहीं कराते, अपनी ‘लीडर ब्रांच’ निमी ग्रुप के माध्यम से 10 गुना तक ट्रेडिंग लिमिट देकर निवेश कराते हैं।
पीड़ित की मुलाकात निमी ग्रुप के साझेदार हिरेन जादव और निमित दिनेश भाई शाह से कराई गई। दोनों ने खुद को जैनम ब्रोकिंग की लीडर ब्रांच का प्रतिनिधि बताया था। अगस्त 2024 में हिरेन जादव ने ग्रेटर नोएडा आकर पीड़ित को ग्रीनवाल एंटरप्राइज और केडी कार्पोरेट सर्विसेज नाम की फर्मों के माध्यम से निवेश कराने की बात कही।
सितंबर 2024 में पीड़ित सूरत स्थित आईटीसी बिल्डिंग पहुंचे। वहां 100–150 कर्मचारियों के साथ जैनम ब्रोकिंग के बोर्ड भी लगे मिले। झांसे में आकर उसने ग्रीनवोल एंटरप्राइज व एनओएल एंटरप्राइज के खाताें में 11.64 करोड़ रुपये निवेश कर दिए थे। बाद में निमित शाह ने निरीक्षण का हवाला देकर खातों के पासवर्ड बदल दिए। ट्रेडिंग बंद होने व स्पष्ट जवाब न मिलने पर पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चला। पीड़ित ने कोर्ट में गुहार लगाई थी। पुलिस ने मामले की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

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