फर्जी फूड इंस्पेक्टर बनकर की रेस्टोरेंट की जांच, दुकानदार से मांगे 50 हजार रुपये, प्रयागराज पुलिस ने किया गिरफ्तार, केस दर्ज
प्रयागराज के सिविल लाइंस में फर्जी फूड इंस्पेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसने एक रेस्टोरेंट में जाकर खुद को फूड इंस्पेक्टर बताकर 50 हजार रुपये की मांग की। दुकानदार को शक होने पर एफसीसीआइ के इंस्पेक्टर से बात की जिससे फर्जीवाड़े का पता चला। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के सिविल लाइंस स्थित लेग्स इट एंड फूड कोर्ट में एक शख्स फर्जी फूड इंस्पेक्टर बनकर पहुंचा और जांच करने लगा। इसके बाद रेस्टोरेंट में कई तरह की खामी बताकर दुकानदार से 50 हजार रुपये मांगने लगा।
उसकी हरकत देखकर दुकानदार को शक हुआ तो उसने एफसीसीआइ के मंडल इंस्पेक्टर से बात की तो पता चला कि फूड इंस्पेक्टर फर्जी है। तब वह अपनी गाड़ी लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने घेरकर पकड़ लिया। सिविल लाइंस पुलिस ने फर्जी इंस्पेक्टर हिमांशु केसरवानी उर्फ अनूप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की।
मुट्ठीगंज निवासी अभिषेक केसरवानी का कहना है कि सिविल लाइंस में खरबंदा मार्केट के पास उनका फूड कोर्ट से रेस्टाेरेंट संचालित है। आरोप है कि शनिवार शाम करीब पांच बजे एक व्यक्ति उनके रेस्टोरेंट पर आया। उसने अपना नाम हिमांशु केसरवानी उर्फ अनूप निवासी भरवारी कौशांबी बताया। कहा कि वह सिविल लाइंस जोन का फूड इंस्पेक्टर है और फिर जांच शुरू कर दी।
गलत ढंग से खामियां बताने लगा और 50 हजार रुपये की मांग की। संदेह होने पर अभिषेक ने एफसीसीआइ के मंडल इंस्पेक्टर संजय सिंह से बात की तो फर्जीवाड़े का पता चला। उसके पास से फर्जी पहचान पत्र भी मिला, जिसके बाद आरोपित भागने लगा तो कर्मचारियों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
इस संबंध में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रामाश्रय यादव का कहना है कि दुकानदार की तहरीर पर फर्जी तरीके से फूड इंस्पेक्टर बनकर दुकान जांच करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उसका चालान किया गया है।
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