Bird Flu: बर्ड फ्लू से मुर्गियों के मरने के बाद बाद अब अन्य पक्षी भी मर रहे, दहशत में आए गांव वाले
रामपुर के सिहोर गांव में बर्ड फ्लू के कारण मुर्गियों के बाद अब पक्षी भी मर रहे हैं जिससे दहशत है। सील किए क्षेत्र में कर्मचारी नदारद हैं और ग्रामीणों की आवाजाही जारी है। प्रशासन की लापरवाही के बावजूद एसडीएम ने सख़्त निर्देश दिए हैं और जांच के आदेश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्र में चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

संवाद सहयोगी, जागरण बिलासपुर/रामपुर। सिहोर गांव में पोल्ट्री फॉर्म में मुर्गियों के मरने के बाद अब पक्षियों का मरना शुरू हाे गया है। पोल्ट्री फॉर्म के आसपास बगुले मरने लगे हैं। जिससे क्षेत्र में दहशत है। सील किए पोल्ट्री फॉर्म के पास लगाई गईं टीमें भी नदारद रहीं। वहीं सील किए गए क्षेत्र में लोग बिना मास्क के आवाजाही करते दिखे।
गांव सीहोर और सिहोरा स्थित एक पोल्ट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू के कारण हजारों मुर्गियां मर गईं थीं। पुष्टि होने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया था और लखनऊ से आई पशु चिकित्सा विभाग टीम और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में उन्हें नष्ट कर दिया था। साथ ही ग्रामीणों को सचेत रहने की सलाह दी थी।
इसके अलावा संक्रमित एरिया को सील करके दो जोन में बांटकर बर्ड फ्लू की रोकथाम को लेकर विभिन्न प्रकार के निर्देश दिए थे। लेकिन अधिकारियों की सख्ती के बावजूद भी बर्ड फ्लू की रोकथाम को प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। प्रशासन ने निगरानी और सुरक्षा हेतु सील किए गए क्षेत्र में कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। जिसमें एक भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिला। जिसके चलते सील किए गए क्षेत्र में ग्रामीणों की आवाजाही बरकरार रही। मुर्गियों के मरने के बाद अब पक्षी भी मरने लगे हैं। पोल्ट्री फॉर्म के आसपास कई बगुले खेतों में मृत पाए गए।
एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि बगुलों के मरने का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है फिर भी जांच कराई जा रही है। ग्रामीणों की आवाजाही को लेकर प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित किया गया है। सील किए गए क्षेत्र में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है।
एसडीएम ने बैठक कर दिए सख्त निर्देश
बिलासपुर क्षेत्र में बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए हसील सभागार में उपजिलाधिकारी अरुण कुमार और पुलिस क्षेत्राधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बर्ड फ्लू से निपटने की योजना तैयार की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और पुलिस अधिकारियों की रात में ही बैठक बुलाकर उन्हें निर्देश दिए। संक्रमित क्षेत्र में 10-10 किलोमीटर में 21 दिनों तक चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक रहेगी। सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए राजस्व विभाग की नौ टीमों का गठन किया गया है।
यह टीमें संक्रमित समेत अन्य पोल्ट्री फार्म की निगरानी करेंगी। जोन में तहसील के 98, स्वार के 14, जबकि उत्तराखंड के 40 गांव शामिल हैं। इन गांवो में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। प्रभावित स्थान के एक-एक किलोमीटर वाले क्षेत्र में तीन गांव मेें खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारी से ग्राम प्रधानों, और लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देशित किया है।
नौ टीमें भी नहीं रोक पा रहीं ग्रामीणों की आवाजाही
एसडीएम और तहसीलदार के कुछ दावे हवा हवाई लग रहे हैं। सीहोर व सिहोरा गांव स्थित पोल्ट्री फार्म की व्यवस्था देखने के लिए नौ टीमें लगाई गईं थीं। लेकिन, मंगलवार की दोपहर वहां एक भी टीम का कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। सील किए गए क्षेत्र में ग्रामीणों की आवाजाही रही। एक परिवार पोल्ट्री फार्म में रहता तक पाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि कर्मचारी यहां केवल फोटो खिचवाने आते हैं और कुछ देर रुक कर चले जाते हैं।
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