Honor Killing: पिता-भाई ने गला दबाकर मौत के घाट उतारा... प्रेमी को फंसाने के लिए रचा षड्यंत्र, खुलासे में ये नाम शामिल
प्रेम संबंध के चलते पिता और भाई ने मिलकर युवती का गला दबाकर हत्या कर दी। उन्होंने षड्यंत्र रचकर युवती के प्रेमी समेत छह लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें फार्मासिस्ट भी शामिल है जिसने पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने के लिए 50 हजार रुपये लिए थे। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

संवाद सहयोगी, जागरण, बहजोई। पड़ोस के ही एक युवक के साथ प्रेम संबंध होने पर एक युवती के पिता और उसके भाई ने घर के ही कमरे में गला दबाकर हत्या की थी और साजिश के तहत उसके प्रेमी के साथ-साथ प्रेमी के साले समेत छह लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पूरे प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए उसे फार्मासिस्ट को भी गिरफ्तार किया है, जिसने षड्यंत्र के तहत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेर फेर करने के लिए 50 हजार रुपये में सौदेबाजी की थी।
दरअसल, रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव हैमदपुर में चंद्रकेश की बेटी मंजू का शव घर के ही कमरे में फंदे पर लटका मिला था। मौके की स्थिति से ऐसा लग रहा था कि उसकी हत्या की गई हो। इसके बाद उसके पिता ने गांव के ही युवती के प्रेमी प्रमोद के अलावा रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव जयदासपुर के रहने वाले उसके साले उमेश और ससुर हरनारायण के साथ-साथ पप्पी और दो अज्ञात के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी ने अनुकृति शर्मा सहित टीम को लगाया
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में सर्विलांस, एसओजी और रजपुरा थाने की टीम को लगाया था। एसपी ने इस प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए बताया कि युवती का गांव के ही प्रमोद के साथ काफी लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था जबकि प्रमोद की शादी युवती के ही भाई धर्मेंद्र ने अपनी ही ससुराल से पूनम के साथ कराई थी।
दोनों के प्रेम प्रसंग के बारे में प्रमोद की पत्नी पूनम को कुछ साक्ष्य मिले थे और ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ उसने न केवल अपने मायके में अपने भाई उमेश और युवती के परिवार वालों से भी शिकायत की थी। इसको लेकर 26 मई को मंजू और पूनम के बीच झगड़ा भी हुआ था। फिर प्रमोद ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट भी की थी। जिससे यह बात गांव में फैल गई और युवती के पिता और भाई को समाज में लज्जित होना महसूस हुआ।
आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे पर लटकाया
जिसके चलते उन्होंने एक षड्यंत्र रचा और 27 में की सुबह छह बजे पिता चंद्रकेश और भाई धर्मेंद्र ने अपने ही घर में मंजू की गला दबाकर हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देते हुए फंदे पर लटका दिया। हालांकि चंद्रकेश और धर्मेंद्र के अलावा पूछताछ के बाद अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई तो यह है स्पष्ट हुआ कि युवती के पिता और भाई ने ही गला दबाकर हत्या की थी और बाद में।
हत्या का आरोप दूसरों पर लगाने के लिए साजिश रची थी। रजपुरा थाना प्रभारी मनोज वर्मा, सर्विलांस प्रभारी रामवीर सिंह और एसओजी प्रभारी बोबिंद्र शर्मा की टीम ने युवती के पिता चंद्रकेश, उसके बेटे धर्मेंद्र, जयप्रकाश और प्रवेश के अलावा फार्मासिस्ट मधुर आर्य को गिरफ्तार कर लिया।
हैंगिंग नहीं आए इसलिए किया था पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का सौदा
युवती की भाई धर्मेंद्र ने अपने ससुराल के ही जयप्रकाश निवासी जयदासपुर से बात कर घटना के बारे बता दिया। फिर जयप्रकाश ने बताया कि आपने शव को फंदे पर लटका दिया है इसीलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आएगी, जिससे हत्या का केस नहीं बनेगा। फिर उसने जुनावई थाना क्षेत्र के गांव अजीजपुर के प्रवेश कुमार नामक व्यक्ति से बात की, जिसने बहजोई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत फार्मासिस्ट मधुर आर्य से 50 हजार रुपये में सौदा किया कि युवती के पोस्टमार्टम में हैंगिंग नहीं दिखा करके गला घोंटने से मृत्यु दिखाई जाए। इसके लिए रुपये भी मधुर आर्य को दे दिए गए।
मधुर आर्य की डायरी और मोबाइल से मिले भ्रष्टाचार के साक्ष्य
पुलिस ने इस प्रकरण जांच की थी जिसमें फार्मासिस्ट मधुर आर्य के अलावा अन्य फार्मासिस्ट और चिकित्सा के साथ भी पूछताछ की गई थी। पोस्टमार्टम हाउस पर कंप्यूटर आपरेटर के अलावा बहजोई के ही एक जन सेवा केंद्र संचालक से भी पूछताछ की थी। इस जांच के दौरान मधुर आर्य की तो एक डायरी से और मोबाइल से कुछ ऐसे साक्ष्य मिले जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट को मैनेज करने के लिए 50 हजार रुपये दिए गए और जिन लोगों के द्वारा यह सौदेबाजी कराई गई उनको यह जानकारी थी कि हत्या की घटना पिता और भाई ने की है जबकि अन्य लोगों को फसाया जा रहा है।

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