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    Sambhal News : मालिक के बेटे की चाकू से गोदरक की हत्या, कोर्ट ने नौकर को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 08:29 PM (IST)

    चंदौसी में जिला जज कोर्ट ने नौकर बहादुर को मालिक के बेटे अमित कुमार की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 2021 में सोते समय चाकू से हमला करके अमित की हत्या कर दी गई थी। अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर बहादुर को दोषी पाया।

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    मालिक के बेटे की हत्या में नौकर को आजीवन कारावास। जागरण

    जागरण संवाददाता, चंदौसी । जिला जज कोर्ट ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में नौकर बहादुर को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। बहादुर ने वर्ष 2021 में अपने ही मालिक प्रेमराज त्यागी के बेटे अमित कुमार की सोते समय चाकू से हमला कर निर्मम हत्या कर दी थी। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर उसे दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है।

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    जानकारी के अनुसार प्रेमराज त्यागी ने 25 सितंबर 2021 को थाना असमोली में तहरीर देकर बताया था कि उनके घर पर लगभग 15 वर्षों से नौकर के रूप में काम कर रहा बहादुर (36) पुत्र गिरधारी ने रात करीब 8:30 बजे उनके बेटे अमित कुमार (40) पर सोते समय चाकू से सीने में हमला कर दिया।

    गंभीर रूप से घायल अमित को तत्काल मुरादाबाद के साई अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के तुरंत बाद बहादुर को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। थाना असमोली पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना अधिकारी प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र कुमार शर्मा बनाए गए। अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छुरी भी घर से बरामद की गई।

    पोस्टमार्टम में सामने आई ये चीज

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित कुमार की मौत छुरी से लगी चोट के कारण होना प्रमाणित हुई। साक्ष्यों के आधार पर बहादुर के विरुद्ध धारा 302 भारतीय दंड संहिता में आरोपपत्र दाखिल किया गया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जिला जज कोर्ट ने बहादुर को हत्या का दोषी करार दिया। डीजीसी राहुल दीक्षित ने बताया कि जनपद न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह ने हत्या में दोषसिद्ध बहादुर को आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

    अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। साथ ही, अर्थदंड की आधी राशि वादी प्रेमराज त्यागी को दी जाएगी। अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।