SIR In UP: एसआईआर पुनरीक्षण में तेजी, फॉर्म भरने की मची होड़; 11 दिसंबर तक बढी डेट
सिद्धार्थनगर में निर्वाचन आयोग के विशेष पुनरीक्षण अभियान में तेजी आई है। फार्म भरने की प्रक्रिया में दबाव और अव्यवस्था के बीच, बीडीओ ने निरीक्षण किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को सम्मानित किया। परिवार रजिस्टर की नकल की मांग बढ़ी है, और कुछ लोग नाम जुड़वाने के लिए दौड़ रहे हैं। विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी समीक्षा की। इंटरनेट से फार्म भरने में मदद मिल रही है, लेकिन एक बीएलओ दबाव के कारण बेहोश हो गया। एमिम ने कठिनाइयों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान ने जिले में तेजी पकड़ ली है। बूथ स्तर से लेकर जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल और ग्रामीण तक अभियान में सीधे तौर पर जुड़ गए हैं। फार्म भरने की प्रक्रिया जहां तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं इससे जुड़े दबाव, अव्यवस्था और समय की कमी कई नए हालात भी पैदा कर रही है।
बीडीओ ने निरीक्षण किया, उत्कृष्ट कार्य पर बीएलओ हेलाल हैदर को सम्मान
डुमरियागंज : बीडीओ कुमार कार्तिकेय मिश्र ने शनिवार को तहसील क्षेत्र में एसआइआर कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदाता सूची के अद्यतन, डिजिटाइजेशन, सत्यापन और विभिन्न प्रपत्रों की प्रविष्टि की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बूथ संख्या 176 के बीएलओ व रोजगार सेवक हेलाल हैदर को विशेष रूप से सम्मानित किया। बीएलओ हेलाल ने रिकार्ड समय में अपने बूथ के सभी 880 मतदाताओं का शत-प्रतिशत सत्यापन और सहेजने का कार्य पूरा किया। बीडीओ ने उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया।
एसआइआर के चलते परिवार रजिस्टर नकल की मांग बढ़ी, सचिवों पर दबाव
औराताल : एसआइआर प्रपत्र जमा करने की अंतिम समयसीमा नजदीक आने के साथ ही परिवार रजिस्टर की नकल की मांग तेजी से बढ़ी है। आयोग के ग्यारह विकल्पों में परिवार रजिस्टर की नकल भी शामिल है, जिसकी वजह से लोग सुबह से ही सचिवों के इर्द-गिर्द जुट जा रहे हैं।
डुमरियागंज ब्लाक में 115 ग्राम पंचायतें और लगभग 50 हजार परिवार हैं। इन पर मात्र 15 सचिव तैनात हैं, जिनके ऊपर विकास कार्यों के साथ ही परिवार अभिलेखीकरण का भी दायित्व है। सचिवों का कहना है कि पहले जहां पांच से दस नकल के आवेदन आते थे, वहीं अब प्रतिदिन 20 से 25 नकल जारी करनी पड़ रही है। एडीओ पंचायत विनीत सिंह ने बताया कि नकल की मांग बढ़ी है। जिनका नाम पहले से दर्ज है, उन्हें तुरंत नकल उपलब्ध कराई जा रही है।
50 वर्ष से अधिक आयु वाले भी परिवार रजिस्टर में नाम जोड़ने को दौड़ पड़े
औराताल : अचानक नकल के महत्व बढ़ने से अब कुछ लोग परिवार रजिस्टर में अपना नाम जोड़ने के लिए भी आवेदन कर रहे हैं। इनमें कई की आयु 50 वर्ष से अधिक है, जिससे सचिवों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है।
विधायक जय प्रताप सिंह ने बूथों पर पहुंचकर फार्म भरवाए
एसआइआर अभियान को लेकर विधायक जय प्रताप सिंह लगातार गंभीर हैं। शनिवार को उन्होंने नगर पालिका के कई बूथों पर जाकर प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इंदिरानगर, रानी लक्ष्मी नगर, निषाद नगर और नेहरू नगर क्षेत्रों के बूथों पर उन्होंने मतदाताओं से मुलाकात की और पूछा कि उन्हें फार्म मिला या नहीं। जिनको फार्म नहीं मिला था, उन्हें मौके पर दिलाया और साथ ही भरवाया भी।
उन्होंने बीएलओ से रोजाना की प्रगति पूछी और निर्देश दिया कि शिक्षित न होने वाले मतदाताओं की पूरी सहायता की जाए। विधायक ने कहा कि एसआइआर फार्म न भरने पर मतदाताओं का नाम सूची से हट सकता है, इसलिए हर पात्र व्यक्ति को फॉर्म भरना जरूरी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने की समीक्षा, बीएलओ को दिए निर्देश
सिद्धार्थनगर : जोगिया मंडल के बूथ संख्या 351 और 352 पर भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने अभियान की समीक्षा की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि एसआईआर केवल कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि मतदाता अधिकारों की सुरक्षा का माध्यम है। उन्होंने बीएलओ को निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत लोगों से फार्म भरवाया जाए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए। समीक्षा के दौरान मंडल अध्यक्ष महेंद्र लोधी, वरिष्ठ नेता अरविंद उपाध्याय, संतोष शुक्ल, निशांत पांडेय और बीएलओ मौजूद रहे।
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फॉर्म भरने में इंटरनेट बना सहारा, यूट्यूब पर सबसे अधिक खोज
एसआईआर प्रपत्र भरने में लोगों को सबसे बड़ा सहारा इंटरनेट मीडिया बन रहा है। यूट्यूब पर प्रपत्र भरने की विधि सबसे अधिक खोजी जा रही है। चार नवंबर से चार दिसंबर तक चल रहे इस अभियान में समय बेहद कम होने के कारण ग्रामीण इंटरनेट का सहारा ले रहे हैं। 2003 के बाद शादी कर आई महिलाओं को अपने माता–पिता के नाम, विधानसभा तथा मतदान क्रमांक की जानकारी जुटाने में शुरुआत में काफी परेशानी हुई। लेकिन अब इंटरनेट लिंक से मिनटों में जानकारी मिलने लगी है। ग्रामीण राम अवध, संतोष कुमार, नरेश यादव, रघुनंदन मिश्रा और अनवर मेहदी ने बताया कि इंटरनेट से फार्म भरने में काफी आसानी हो रही है, क्योंकि बीएलओ के पास अत्यधिक कार्य होने से सभी को समय देना संभव नहीं है।
बर्डपुर में बीएलओ संजय कुमार कार्य करते हुए बेहोश, मेडिकल कालेज रेफर
कंपोजिट विद्यालय मधुबनिया के अनुदेशक तथा बीएलओ संजय कुमार शनिवार को महदेइया गांव में फॉर्म भरवाते समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें उल्टियां भी होने लगीं।
ग्रामीणों की सूचना पर पर्यवेक्षक लेखपाल विनय पांडेय मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बर्डपुर ले जाया गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि संजय लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा कर चुके थे, लेकिन उच्चाधिकारियों के लगातार दबाव से वह तनाव में थे। इसी कारण उनकी तबीयत बिगड़ी।
कठिनाइयों और समाधान को लेकर एमिम ने डीएम को दिया ज्ञापन
एमिम के जिलाध्यक्ष निशात अली की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआर प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि फार्म भरने की अवधि अत्यंत कम है, ग्रामीण समय से विवरण नहीं जुटा पा रहे।
कई परिवार बाहर उपचार के लिए गए हैं, उनका विवरण उपलब्ध नहीं। कई गांवों में सूची और डेटा उपलब्ध न होने से फॉर्म अटक रहे हैं। ग्रामीण अशिक्षित होने के कारण स्वयं फॉर्म नहीं भर पा रहे, जिससे भीड़ बढ़ रही है। कई महिलाओं के फॉर्म मायके और ससुराल दोनों जगह भर दिए गए, संशोधन की व्यवस्था नहीं।
सीमा क्षेत्र में नेपाल मूल की महिलाओं को 2003 की सूची में माता–पिता की जानकारी नहीं मिल पा रही। दस्तावेज जुटाने के लिए समय कम होने से त्रुटियां बढ़ रही हैं। संगठन ने अवधि बढ़ाने, त्रुटिपूर्ण फार्म संशोधन की व्यवस्था, अद्यतन सूची उपलब्ध कराने और अतिरिक्त काउंटर खोले जाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में आजाद अहमद, नईम अख्तर अंसारी, शादाब खान, शम्स तबरेज खान, मकसूद अहमद, मोहम्मद रफीक, शाहिद अंसारी, मेराज चौधरी, अब्दुल सलाम, नियाज अहमद, अब्दुल अव्वल, इरफान हुसैन, डा.ओबैदुल्लाह हाश्मी व गालिब हुसैन मौजूद रहे।

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