UP Cabinet Approved : जीएसटी डिफाल्टर को भी राहत, अर्थदंड की 10 प्रतिशत राशि जमाकर अपील कर सकेंगे करदाता
UP Cabinet Approved Proposals of GST Department कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम-2017 की धारा 2 12 13 17 20 34 38 39 107 112 तथा अनुसूची तीन मे संशोधन तथा 116(क) 122 (ख) व 148 (क) आदि नई धाराएं जोड़े जाने का निर्णय लिया है।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने जीएसटी करदाताओं की सुविधाओं के लिए उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम-2017 में (संशोधन) अध्यादेश-2025 को स्वीकृति दी गई। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में धारा 129 के तहत अर्थदंड के प्रकरणों में प्रथम एवं अधिकरण के समक्ष अपील किए जाने से पहले जमा की जाने वाली धनराशि की सीमा अर्थदंड का 25 प्रतिशत से घटाते हुए 10 प्रतिशत करने का प्रविधान शामिल किया गया था। जिसको हरी झंडी दे दी गई।
कैबिनेट ने इसके साथ ही अन्य धाराओं में आरोपित अर्थदंड के तहत अपील करने के प्रविधान को भी शामिल किया है। इसी प्रकार इनपुट सेवा वितरक के रूप में पंजीकृत करदाताओं को सुविधा देते हुए आयातित माल पर दिए गए कर से बने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के वितरण की सुविधा दी गई है।
इस विधेयक को आगामी विधानमंडल सत्र में प्रतिस्थानी विधेयक के रूप में पुन:स्थापित करने के लिए पास कराने के प्रस्ताव की स्वीकृति भी कैबिनेट ने दी है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम-2017 की धारा 2, 12, 13, 17, 20, 34, 38, 39, 107, 112 तथा अनुसूची तीन मे संशोधन तथा 116(क), 122 (ख) व 148 (क) आदि नई धाराएं जोड़े जाने का निर्णय लिया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जीएसटी काउंसिल द्वारा जीएसटी व्यवस्था के सरलीकरण व करदाताओं की सुविधा के लिए समय समय पर जीएसटी अधिनियम में संशोधन किए जाते हैं। केंद्र सरकार द्वारा पारित संशोधनों के क्रम में राज्य सरकार द्वारा भी उत्तर प्रदेश माल और सेवाकर अधिनियम में संशोधन किया जाता है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश माल और सेवाकर अधिनियम में केंद्र सरकार की तरह संशोधन किए जाने के लिए संशोधन अध्यादेश को कैबिनेट से मंजूरी मिली है।
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