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    'मन की बात' में काशी तमिल संगमम पर बोले पीएम, उत्‍तर से दक्षि‍ण के संबंधों पर कही यह बात

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sun, 30 Nov 2025 12:31 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में काशी तमिल संगमम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह संगम विश्व की प्राचीन भाषा और शहर का अद्भुत मिलन है। इस बार का संगम 2 दिसंबर से शुरू होगा, जिसकी थीम 'Learn Tamil' है। मोदी ने सभी से इस आयोजन में भाग लेने का आग्रह किया, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत करेगा।

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में काशी के आयोजन पर चर्चा की। 

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। नवंबर माह के अंतिम दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में काशी के आयोजन पर चर्चा की। मोदी ने कहा, "साथियो, विश्व की सबसे पुरानी भाषा और विश्व के सबसे प्राचीन शहरों में से एक शहर, इन दोनों का संगम हमेशा अद्भुत होता है।

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    मैं बात कर रहा हूँ – 'काशी तमिल संगमम' की। 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर चौथा काशी-तमिल संगमम शुरू हो रहा है। इस बार के काशी-तमिल संगमम की थीम बहुत ही रोचक है – Learn Tamil – तमिल करकलम्। काशी-तमिल संगमम उन सभी लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है जिन्हें तमिल भाषा से लगाव है।

    काशी के लोगों से जब भी बात होती है तो वे हमेशा बताते हैं कि काशी-तमिल संगमम का हिस्सा बनना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। यहाँ उन्हें कुछ नया सीखने और नए-नए लोगों से मिलने का अवसर मिलता है।

    इस बार भी काशीवासी पूरे जोश और उत्साह के साथ तमिलनाडु से आने वाले अपने भाई-बहनों का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि आप काशी-तमिल संगमम का हिस्सा जरूर बनें। इसके साथ ही ऐसे और भी मंचों के बारे में सोचें, जिनसे 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना मजबूत हो।

    यहाँ मैं एक बार फिर कहना चाहूँगा:
    तमिल कलाच्चारम उयर्वानद्
    तमिल मोलि उयर्वानद्
    तमिल इन्दियाविन पेरूमिदम्।

    काशी तमिल संगमम का आयोजन न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण अवसर है, बल्कि यह तमिल भाषा और संस्कृति को भी बढ़ावा देने का एक मंच है। इस संगमम में भाग लेने वाले लोग न केवल तमिल भाषा सीखेंगे, बल्कि काशी की समृद्ध संस्कृति का भी अनुभव करेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस आयोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक ऐसा अवसर है जहाँ लोग एक-दूसरे के साथ जुड़ते हैं और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस संगमम में भाग लें और इसे सफल बनाएं।

    काशी-तमिल संगमम का आयोजन हर साल होता है और यह काशी के लोगों के लिए एक विशेष महत्व रखता है। इस बार की थीम 'Learn Tamil' न केवल भाषा के प्रति रुचि को बढ़ावा देती है, बल्कि यह काशी और तमिलनाडु के बीच की सांस्कृतिक कड़ी को भी मजबूत करती है।