Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वाराणसी में मराठी श्रावण मास की धूम, मंगलवार को मंगला गौरी की होगी पूजा

    Updated: Mon, 28 Jul 2025 07:34 PM (IST)

    वाराणसी में मराठी श्रावण मास का आरंभ हो चुका है जिससे मराठी परिवारों में उत्साह का माहौल है। इस दौरान हर दिन अलग-अलग देवताओं की पूजा की जाती है जिसमें सोमवार को शिव और मंगलवार को मंगला गौरी की पूजा प्रमुख है। नवविवाहित महिलाएं मंगला गौरी की विशेष पूजा करती हैं और झिम्मा फुगड़ी जैसे पारंपरिक खेल खेलती हैं।

    Hero Image
    मराठी सावन में महाराष्ट्री परिवारों में झिम्मा, फुगड़ी, लटकन, गोफ की धूम।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। मराठी श्रावण मास बीते शनिवार से आरंभ हुआ। हिंदी कैलेंडर या पंचांग से 15 दिन पीछे चलने के कारण 15 दिन के अंतराल पर आरंभ हुए मराठी सावन के शुभागमन से काशी में रह रहे मराठी परिवारों में उल्लास छा गया है। मराठी परिवारों में पर्वों-व्रतों की श्रृंंखला आरंभ हो गई है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    श्रीकाशी महाराष्ट्र सेवा समिति के ट्रस्टी संतोष साेलापुरकर ने बताया कि मराठी समुदाय इस श्रावण मास के आरंभ होते ही महाराष्ट्री परिवारों में झिम्मा, फुगड़ी, लटकन, गोफ की धूम शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि मराठा समुदाय सावन मास में विभिन्न प्रकार की पूजा-अर्चना करता है। सप्ताह के सातों दिन सात देवों के पूजन का विधान है। जैसे सोमवार शिव पूजा के लिए समर्पित है, मंगलवार को महिलाएं मंगला गौरी की पूजा करती हैं।

    नवविवाहित महिलाएं विवाह के पहले साल पडने वाले श्रावण मंगलवार को अपने घर पर विशेष मंगला गौरी पूजा करती हैं और साथ ही नवविवाहित महिलाओं को पूजा के लिए आमंत्रित करती हैं। शाम को आरती के बाद रात भर जागरण करती हैं और विभिन्न प्रकार के खेल खेलती है।

    बुधवार को बुध पूजा, गुरुवार को बृहस्पति पूजा, शुक्रवार को बच्चों के दीर्घायु के लिए जरा जीवंतिका पूजा, शनिवार को मारुति पूजा, रविवार को आदित्य पूजा का आयोजन होता है। इस महीने में आने वाले सभी शुक्रवार को बच्चों के कल्याण के लिए विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है तथा सामुदायिक पूजा भी की जाती है।

    इनके अतिरिक्त इस मास के पर्व-त्योहारों और शुभ दिनों में नाग पंचमी, नारली (राखी) पूर्णिमा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दही हांडी शामिल हैं। सोलापुरकर ने बताया कि मराठी श्रावण मास का पहला सोमवार 28 जुलाई, दूसरा चार अगस्त, तीसरा 11 अगस्त व चौथा सोमवार 18 अगस्त को होगा। नाग पंचमी 29 जुलाई, दुर्वा अष्टमी एक अगस्त, वरलक्ष्मी व्रत आठ अगस्त, श्रावणी व नारली पूर्णिमा यानी रक्षा बंधन, नौ अगस्त व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मराठा समुदाय 15 अगस्त को मनाएगा।

    मंगला गौरी पूजा के दिन खेले जाने वाले खेल

    झिम्मा : इस पारंपरिक महाराष्ट्रियन खेल में महिलाएं एक घेरे में खड़ी होकर ताली बजाते हुए गाती हैं और नाचती हैं।

    फुगड़ी : इसमें महिलाएं एक दूसरे का हाथ पकड़कर गोल-गोल घूमती हैं।

    लटकन : यह एक प्रकार का लोकनृत्य है जो मंगला गौरी पूजा के दौरान किया जाता है।

    गोफ : इसमें महिलाएं रस्सी को कूदती हैं और विभिन्न कलाबाजियां दिखाती हैं।