Uttarakhand News: टैरिफ वार से जंग में ढाल बने हिमालय के स्वदेशी उत्पाद, CM धामी ने शुरू किया यह अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वदेशी अभियान शुरू किया। अमेरिका के टैरिफ वार के बीच उत्तराखंड के स्वदेशी उत्पाद अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। आर्गेनिक अनाज हस्तशिल्प और हर्बल उत्पादों का निर्यात बढ़ रहा है। नीति आयोग के निर्यात सूचकांक में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में शीर्ष पर है। राज्य के हर्बल उत्पादों के निर्यात में भी वृद्धि हुई है जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

अश्वनी त्रिपाठी, जागरण, देहरादून। अमेरिका के टैरिफ वार से जब पूरा उद्योग जगत दबाव में है, तब हिमालय की वादियों से निकले स्वदेशी उत्पाद उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई ढाल दे रहे हैं। यहां उपजे आर्गेनिक अनाज, महिलाओं के हाथों तैयार हस्तशिल्प, परंपरागत बुनाई की शाल व पहाड़ी जड़ी-बूटियों से बने हर्बल उत्पाद स्वदेशी की मुहिम में सबसे मजबूत हथियार बनते दिख रहे हैं। पहाड़ों से निकली स्वदेशी की धार संदेश दे रही है कि स्थानीय संसाधनों को वैश्विक पहचान दें तो पर्वतीय राज्य भी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को जवाब दे सकते हैं।
आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में राज्य के हर्बल व आर्गेनिक उत्पादों का निर्यात कई गुना बढ़ गया है। खासकर अमेरिका और यूरोप में उत्तराखंडी बासमती और मंडुवा-झंगोरे जैसे मोटे अनाज स्वास्थ्य के नाम पर तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वदेशी अभियान की शुरूआत कर यह संदेश दिया है कि टैरिफ की तलवार से ज्यादा मजबूत स्वदेशी की ढाल है। खासकर उत्तराखंड जैसे छोटा राज्य पूरे देश को यह नसीहत दे रहा है कि यदि हम अपनी जड़ों की ओर लौटकर स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाएं तो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भी हमारी राह नहीं रोक सकतीं।
हिमालयी राज्यों में अव्वल
उत्तराखंड के उत्पाद निर्यात में अपना लोहा मनवा चुके हैं। नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक के अनुसार 59.13 अंकों के साथ उत्तराखंड देश में 9वां स्थान पाकर हिमालयी राज्यों में शीर्ष स्थान पा चुका है।
निर्यात के प्रमुख क्षेत्र
- आटोमोबाइल और फार्मा- ये उत्तराखंड के महत्वपूर्ण उद्योगों में है, राज्य के कुल निर्यात में इनका प्रतिशत सबसे अधिक है।
- कृषि और खाद्य प्रसंस्करण- कृषि व संबंधित क्षेत्रों, खासकर फल उत्पादन, जैविक उत्पाद, सगंध एवं औषधीय पौध आधारित उद्योग, जैव प्रौद्योगिकी और हस्तशिल्प आधारित उद्योग निर्यात के प्रमुख स्रोत हैं।
- राज्य से कीमती पत्थर, धातुओं, रासायनिक उत्पाद, प्लास्टिक, रबड़, मशीनरी उपकरण का भी बड़े पैमाने पर निर्यात होता है।
साल दर साल बढ़ रहा निर्यात
- वर्ष 2011-12
- 3530 करोड़ - 2023-24
- 14928 करोड़
खास बातें-
- उत्तराखंड के हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्यात पिछले पांच सालों में 28 प्रतिशत बढ़ा।
- आर्गेनिक खेती में राज्य का योगदान देश के कुल उत्पादन का लगभग 10 प्रतिशत है।
- अमेरिका और यूरोप में उत्तराखंड की बासमती, मंडुवा और झंगोरा की खपत लगातार बढ़ रही है।
- कुमाऊंनी शाल और गढ़वाली हैंडलूम की मांग खाड़ी देशों में तेजी से बढ़ी है।
राज्य | निर्यात | देश में कुल निर्यात में हिस्सेदारी |
उत्तराखंड | 13,239 करोड़ | 0.41% |
हिमाचल प्रदेश | 16,000 करोड़ | 0.50% |
जम्मू-कश्मीर | 1,600 करोड़ | 0.05% |
सिक्किम | 150 करोड़ | 0.00% |
यह भी पढ़ें- Uttarakhand News: गंगोत्री हाईवे पर नेताला बाईपास के निर्माण को मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा काम
पिछले दो दशकों में औद्योगिक अर्थव्यवस्था में 9.5 गुना वृद्धि
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड ने पिछले दो दशकों में औद्योगिक अर्थव्यवस्था में 9.5 गुना वृद्धि की, जबकि हिमाचल प्रदेश में यह वृद्धि केवल 4.6 गुना रही।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।