Haridwar News: पहाड़ों की बारिश से गंगा ने दिखाया रौद्र रूप, चार घंटे में डेढ़ मीटर उफनी
हरिद्वार में पहाड़ों में भारी बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया जिससे किनारे के इलाकों में दहशत फैल गई। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया और जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। यह इस मानसून सीजन में पहली बार है जब गंगा का जलस्तर इतना ऊपर गया है।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। पहाड़ों में हुई वर्षा से शुक्रवार को हरिद्वार में गंगा अपने रौद्र रूप में दिखी। भीमगोडा बैराज पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच महज चार घंटे में गंगा का जलस्तर 1.45 मीटर तक उछल गया। करीब दो घंटे तक गंगा खतरे के निशान पर बहती रही। जिससे गंगा किनारे के खादर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जिला आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए।
जिला प्रशासन ने मंदिरों एवं मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को सावधानी एवं सतर्कता बरतते हुए नदी तट पर न जाने की अपील की। आपदा प्रबंधन के अनुसार इस मानसून सीजन में पहली बार शुक्रवार को गंगा का जल स्तर चेतावनी निशान (293 मीटर) को पार करते हुए खतरे के निशान (294 मीटर) पर पहुंचा है।
गंगा ने दिखाया रौद्र रूप, टूटा इस मानसून सीजन का रिकार्ड
जनपद टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में भारी वर्षा होने का असर हरिद्वार में गंगा में भी दिखा है। शुक्रवार सुबह छह बजे भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जल स्तर जलस्तर 292.20 मीटर दर्ज किया गया था। धीरे-धीरे बढ़ते हुए यह दोपहर 12 बजे तक 292.55 मीटर तक पहुंचा। लेकिन इसके बाद गंगा का बहाव अचानक तेज हो गया। दोपहर एक बजे 293.20 मीटर और शाम चार बजे खतरे का निशान 294.00 मीटर पर पहुंची। यानी 12 बजे से 4 बजे तक गंगा का जलस्तर 1.45 मीटर उछला।
शाम को जलस्तर हुआ कम
इस दौरान बैराज में गंगा का इनफ्लो 2.12 लाख क्यूसेक रहा। शाम होते-होते जलस्तर में मामूली कमी आई। शाम छह बजे गंगा खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर नीचे उतरी। शाम सात बजे इसका स्तर 293.75 मीटर दर्ज किया गया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की लोगों से अपील
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद वासियों एवं नदी किनारे रहा रहे लोगों से अपील करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा के कारण गंगा के जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नदी किनारे रह रहे लोगों सतर्क रहें। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस को अपने अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए है।
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