चीन सीमा से लगे गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद, इस वर्ष दीदार को पहुंचे 29,162 पर्यटक
उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद हो गया है। इस वर्ष 29,162 पर्यटकों ने पार्क का दौरा किया, जिससे 80.96 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। धराली आपदा के कारण पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित रही। पार्क प्रशासन ने ट्रेक रूटों पर कैमरे लगाए हैं ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। यह पार्क हिम तेंदुओं का प्राकृतिक आवास है, जहां लगभग 35 हिम तेंदुए हैं।

गंगोत्री नेशनल पार्क के कनखू बैरियर के गेट बंद करने के मौके पर मौजूद वन कर्मी। पार्क प्रशासन
जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : देश के तीसरे सबसे बड़े और चीन सीमा से लगे गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट रविवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
अब पार्क क्षेत्र के गेट अगले वर्ष एक अप्रैल को पर्यटकों के लिए खोले जाएंगे। इस साल पार्क क्षेत्र में 29,162 पर्यटक पहुंचे, इससे पार्क प्रशासन को 80.96 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
बता दें कि गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट प्रतिवर्ष शीतकाल बढ़ने पर पर्यटकों के लिए 30 नंवबर को बंद किए जाते हैं।
रविवार दोपहर एक बजे पार्क के उप निदेशक हरीश नेगी की मौजूदगी में पार्क के वन कर्मियों ने गर्तांगली, कनखू बैरियर के पास पार्क क्षेत्र के गेट ताला लगाकर बंद कर दिए। इस वर्ष धराली आपदा के चलते पार्क क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही करीब डेढ़ माह तक प्रभावित रही।
पार्क प्रशासन ने इस साल करीब 85 लाख से अधिक राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन आपदा के चलते यह लक्ष्य से कुछ कम रहा।
पार्क के उप निदेशक हरीश नेगी ने बताया कि पार्क के गेट बंद करने से पूर्व प्रमुख ट्रेक रूटों पर ट्रेप कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनसे पार्क के गेट खुलने पर शीतकाल में वन्यजीवों की गतिविधियों का पता चलेगा।
उन्होंने बताया कि यह पार्क हिम तेंदुओं का प्राकृतिक घर है, जिसमें हिम तेंदुओं की अनुमानित संख्या 35 है।
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