Uttarkashi: पापड़गाड़ के उफान पर आने से क्यार्क गांव में अफरा-तफरी, कई घरों में पड़ी दरारें
उत्तरकाशी के क्यार्क गांव में भारी बारिश के कारण पापड़गाड़ नाला उफान पर आ गया जिससे कई हेक्टेयर कृषि भूमि बह गई और आवासीय घरों में दरारें आ गईं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। भूस्खलन से गांव को खतरा बना हुआ है और पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। गंगोत्री हाईवे पर यातायात बाधित रहा और तांबाखाणी सुरंग के पास पत्थर गिरे।

जागरण टीम, उत्तरकाशी/भटवाड़ी। गुरुवार रात तीन बजे पापड़गाड़ (बरसाती नाले) के अचानक उफान पर आने से भटवाड़ी तहसील के क्यार्क गांव में अफरा-तफरी मच गई। इस कारण जहां कई हेक्टेयर कृषि भूमि कटाव की जद में आकर बह गई।
वहीं, गांव में तीन से चार आवासीय घरों के आंगन-चौक में दरारें पड़ गईं। घरों के आंगन-चौक में दरारें पड़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांव के नीचे वर्षों से सक्रिय भूस्खलन के बढ़ने से भी गांव को खतरा बना हुआ है।
बीते पांच अगस्त को हर्षिल-धराली क्षेत्र में आई आपदा के बाद से जनपद में लगातार रुक-रुककर जारी मूसलधार वर्षा आपदा का कारण बनी हुई है। गत गुरुवार रातभर हुई मूसलधार वर्षा के चलते भटवाड़ी तहसील में दयारा बुग्याल क्षेत्र से आने वाला पापड़ गाड़ रात तीन बजे अचानक उफान पर आ गया। इस कारण जहां कई हेक्टेयर कृषि भूमि कटाव के जद में आने से बह गई। वहीं, क्यार्क गांव के विपिन राणा, सुमन सिंह, संजय सिंह, विजेंद्र सिंह, सज्जन सिंह, हरबन सिंह, कुलवीर सिंह आदि के आवासीय भवनों में दरारें पड़ गई।
दहशत में आए ग्रामीणों को रात में ही घर छोड़ कर गांव में सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। गांव के पूर्व प्रधान विपिन राणा ने बताया कि गांव के नीचे वर्षों से सक्रिय भूस्खलन भी बढ़ता जा रहा है, जिससे गांव के लिए खतरा बना हुआ है। बताया कि पूर्व में भू-वैज्ञानिक सर्वे को गांव को विस्थापित करने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
पीएचसी व ब्लाक कार्यालय को जोड़ने वाला पैदल पुल क्षतिग्रस्त
नवला नदी के उफान पर आने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी व विकासखंड कार्यालय को जोड़ने वाला पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, मोटरमार्ग पर भी भू-धंसाव से खतरे की जद में है, जिसके चलते स्थानीय लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पापड़गाड़ के उफान से गंगोत्री हाईवे पर बना पुल बाल-बाल बचा
पापड़ गाड़ के उफान पर आने से गंगोत्री हाईवे पर बना पुल भी बाल-बाल बचा। यहां पापड़ गाड़ के उफान के साथ आया मलबा, बोल्डर व बड़े-बड़े पेड़ पुल के ऊपर आ गए। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात ठप रहा। हालांकि, सूचना पर बाद में बीआरओ ने मलबा व बोल्डर हटाकर यातायात बहाल किया।
तांबाखाणी सुरंग के मुहाने के आगे गिरे पत्थर
जिला मुख्यालय स्थित तांबाखाणी सुरंग के बाजार वाले मुहाने पर भी सुबह वरुणावत पर्वत से पत्थर गिरे। हालांकि गनीमत रही कि कोई इन पत्थरों की चपेट में नहीं आया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, ओपन टनल के पीछे आया मलबा भी वर्षा के दौरान हाईवे पर आ गया। इस कारण यहां वाहनों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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