सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दौरान शिव जी और मां पार्वती की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत पर किस स्त्रोत का पाठ करना चाहिए?
पंचांग के अनुसार, 27 मार्च 2025 यानी आज प्रदोष व्रत की पूजा की जाएगी। इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं।
प्रदोष व्रत के दौरान शिव जी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे जीवन में आने वाले संकट दूर होने लगते हैं और तरक्की के योग बनते हैं।
प्रदोष व्रत पर पूजा करते समय दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इससे जीवन में सकारात्मकता आती है और गरीबी दूर होती है।
प्रदोष व्रत पर शिव जी का गंगाजल या दूध से रुद्राभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और साधक की मनोकामना पूरी होती है।
शिवलिंग पर दूध या गंगाजल अर्पित करते समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे मानसिक शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
प्रदोष व्रत पर दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से साधक की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगती है। इसके अलावा, व्यापार में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं।
अगर आप कठिन परिश्रम के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है, तो प्रदोष व्रत पर शिव जी की पूजा करें। इससे कार्य में सफलता मिलने लगती है और रुके हुए काम होते हैं।
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