सनातन धर्म में चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करने का विधान होता है। आइए जानते हैं कि नवरात्र के चौथे दिन किन मंत्रों का जाप करना चाहिए?
नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। इससे जीवन में आने वाली पेशानियां दूर होने लगती हैं और तरक्की के योग बनते हैं।
अक्सर लोग पूजा-पाठ करते समय मंत्र का जाप करते हैं। इससे देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
नवरात्र के चौथे दिन सर्व स्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते, भयेभ्यस्त्राहि नो देवि कूष्माण्डेति मनोस्तुते मंत्र का जाप करना चाहिए।
नवरात्र में मां कुष्मांडा की पूजा करते समय या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः मंत्र का जाप करें।
नवरात्र के चौथे दिन पूजा करते समय ऐं ह्री देव्यै नम: मंत्र का जाप करें। इससे मां कुष्मांडा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।
चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा को मालपुआ और फल का भोग लगाना चाहिए। इससे जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।
ऐसा कहा जाता है कि चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, कंगाली से छुटकारा मिलता है।
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