Chaitra Navratri में कलश स्थापना के समय पढ़ें यह 1 मंत्र


By Ashish Mishra22, Mar 2025 01:30 PMjagran.com

Chaitra Navratri 2025

सनातन धर्म में चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना करते समय किस मंत्र को पढ़ना चाहिए?

चैत्र नवरात्र की शुरुआत

पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च 2025 से होगी। वहीं, इसका समापन 07 अप्रैल को होगा। इस दौरान कलश स्थापना करके पूजा-पाठ किया जाता है।

कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना करने के लिए 30 मार्च को सुबह 06 बजकर 13 मिनट से लेकर 10 बजकर 22 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा।

कलश स्थापना के लिए मंत्र

चैत्र नवरात्र में कलश स्थापित करते समय ॐ आ जिघ्र कलशं मह्या त्वा विशन्त्विन्दवः। पुनरूर्जा नि वर्तस्व सा नः सहस्रं धुक्ष्वोरुधारा पयस्वती पुनर्मा विशतादयिः मंत्र पढ़ना चाहिए।

कलश में क्या डालना चाहिए?

चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना करते समय अक्षत, दूर्वा, सुपारी, हेल्दी, चंदन और सिक्का डालना चाहिए। इसके साथ ही, आम के पत्ते भी डालना चाहिए।

कलश किस दिशा में रखें?

वास्तु के अनुसार, नवरात्र के दौरान कलश को ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना चाहिए। इस दिशा में देवी-देवताओं का वास रहता है।

मां दुर्गा को लौंग चढ़ाएं

चैत्र नवरात्र में पूजा करते समय मां दुर्गा को लौंग अर्पित करना चाहिए। इससे धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

इस समय कलश स्थापना न करें

कभी भूलकर भी अमावस्या के दिन कलश स्थापना नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही, रात में कलश स्थापित करने से बचें। इस समय कलश स्थापना करने से मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं।

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