चैत्र नवरात्र में पूजा करने के बाद कन्या पूजन करने का विधान होता है। आइए जानते हैं कि कन्या पूजन करते समय किन मंत्रों को बोलना चाहिए?
नवरात्र में अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जा सकता है। ऐसा करने से साधक के ऊपर मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है और जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।
इस बार अष्टमी तिथि 5 अप्रैल और नवमी तिथि 6 अप्रैल को है। आप इन दोनों दिनों में कन्या पूजन कर सकते हैं। कन्या पूजा करते समय मंत्र का भी जाप कर सकते हैं।
चैत्र नवरात्र की अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन करते समय ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः मंत्र बोल सकते हैं। इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं।
नवरात्र में कन्या पूजन करते समय ॐ दुं दुर्गायै नमः मंत्र बोलना चाहिए। इससे साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और परेशानियां दूर होती हैं।
नवरात्र में कन्या पूजन करते समय हलवा, पूरी, चना, नारियल और फल आदि खिलाना चाहिए। इससे मां दुर्गा प्रसन्न होकर साधक को आशीर्वाद देती हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कन्याओं का मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र में कन्याओं की पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।
नवरात्र में कन्या पूजन करते समय अपनी क्षमता के अनुसार वस्त्र, खिलौने, शिक्षा से संबंधित सामग्री और दक्षिणा का दान करें। इससे जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।
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