सनातन धर्म में खरमास का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि इस माह का समापन कब होगा और किस दिन से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी?
खरमास में मांगलिक कार्य जैसे- विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और जनेऊ नहीं करने चाहिए। इन कार्यों को करना पूरी तरह अशुभ माना जाता है।
ज्योतिषियों के अनुसार, 14 अप्रैल को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। इसी दिन खरमास का समापन भी होगा।
खरमास खत्म होने के बाद 14 अप्रैल से मांगलिक कार्य की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और जनेऊ जैसे कार्य किए जा सकेंगे।
सूर्य देव 14 अप्रैल को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन को मेष संक्रांति के नाम से जाना जाता है। इस सूर्य देव की पूजा करना का भी विधान होता है।
इस में महीने में 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 तारीख को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा। इन तारीखों में विवाह करना अच्छा होगा।
मेष संक्रांति के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को गेहूं, लाल वस्त्र, लाल चंदन, काला तिल, लाल फूल और तांबे के बर्तन दान कर सकते हैं।
अगर आप विवाह में बाधा का सामना कर रहे हैं, तो शिव जी और मां पार्वती की पूजा करें। इससे जल्द विवाह के योग बनते हैं और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
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