हिंदू धर्म शास्त्र के मुताबिक, नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इसके साथ ही उनके लिए व्रत भी रखा जाता है।
आज हम आपको एक ऐसे पाठ के बारे में बताएंगे, जिसे नवरात्र के दौरान करने से न सिर्फ मां दुर्गा प्रसन्न होंगी, बल्कि आपका जीवन भी संवर जाएगा। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।
हम आपको दुर्गा चालीसा के बारे में बता रहे हैं। दुर्गा चालीसा का पाठ करने से आपके अटके काम भी पूरे होंगे। पाठ करते समय आपके मन में किसी भी तरह का नेगेटिव थॉट नहीं होना चाहिए।
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥
रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥ तुम संसार शक्ति लै कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥
प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥ शिव योगी तुम्हरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥ रूप सरस्वती को तुम धारा। दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥
धरयो रूप नरसिंह को अम्बा। परगट भई फाड़कर खम्बा॥ रक्षा करि प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥ लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥
क्षीरसिन्धु में करत विलासा। दयासिन्धु दीजै मन आसा॥ हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥ मातंगी अरु धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥
आपको जीवन में खुशहाल रहने के लिए आपको नवरात्र के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com