Chaitra Navratri में इस समय न करें कलश स्थापना, मिलेंगे बुरे परिणाम


By Ashish Mishra21, Mar 2025 12:08 PMjagran.com

Chaitra Navratri 2025

सनातन धर्म में चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना कब नहीं करनी चाहिए?

चैत्र नवरात्र की शुरुआत

पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च 2025 से होगी। इसका समापन 07 अप्रैल को होगा। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा करने से संकट दूर होती है।

इस समय कलश स्थापना न करें

अमावस्या तिथि पर कलश स्थापना करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से मां दुर्गा नाराज सकती हैं और पूजा का फल भी नहीं मिलता है।

रात में कलश स्थापना न करें

अगर आप रात के समय कलश स्थापना करते हैं, तो आपको जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हमेशा शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें।

चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना मुहूर्त

इस दौरान कलश स्थापना करने के लिए 30 मार्च को सुबह 06 बजकर 13 मिनट से लेकर 10 बजकर 22 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इस मुहूर्त में घटस्थापना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

अभिजीत मुहूर्त

30 मार्च को 12 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।

कलश स्थापना करने का मंत्र

इस दौरान ॐ आ जिघ्र कलशं मह्या त्वा विशन्त्विन्दवः मंत्र पढ़ना चाहिए। इससे पूजा करने का शुभ फल प्राप्त होता है और तरक्की के योग बनते हैं।

मां दुर्गा को चढ़ाएं ये चीजें

चैत्र नवरात्र में पूजा करते समय मां दुर्गा को लाल चुनरी और शृंगार का सामान अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा, गुड़हल का फूल चढ़ाने से माता रानी की कृपा प्राप्त होती है।

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