सनातन धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। इस दिन गणेश जी की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि विनायक चतुर्थी पर किन शुभ योग में पूजा करना शुभ होगा?
पंचांग के अनुसार, 01 अप्रैल 2025 को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि की शुरुआत 01 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 42 मिनट पर होगा। वहीं, इसका समापन 02 अप्रैल को देर रात 02 बजकर 32 मिनट पर होगा।
इस दिन सुबह 09 बजकर 48 मिनट से प्रीति योग का संयोग बन रहा है। इसके अलावा, भरणी एवं कृत्तिका नक्षत्र का भी योग बनेगा।
विनायक चतुर्थी पर शाम 04 बजकर 04 मिनट से देर रात 02 बजकर 32 मिनट तक भद्रावास का संयोग रहेगा। इस दौरान गणेश जी की पूजा करना शुभ होता है।
विनायक चतुर्थी पर पूजा करते समय गणेश जी को दूर्वा चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
गणेश जी की पूजा करते समय मोदक का भोग लगाना चाहिए। इससे कार्य में सफलता मिलती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
विनायक चतुर्थी पर इन शुभ योग में पूजा करने से साधक की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगती है। इसके साथ, कारोबार में तरक्की होती है।
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