सड़कों से संस्थानों तक, हर जगह ट्रंप को अपने नाम के ठप्पे की चाह; सीनेट में उठी विरोध में आवाज
अमेरिका के अधिकांश राष्ट्रपति यह उम्मीद करते हैं कि आने वाली पीढि़यां उनके योगदान को याद रखते हुए महत्वपूर्ण संस्थानों या इमारतों का नाम उनके नाम पर र ...और पढ़ें

सड़कों से संस्थानों तक, हर जगह ट्रंप को अपने नाम के ठप्पे की चाह (फोटो- रॉयटर)
एपी, वाशिंगटन। अमेरिका के अधिकांश राष्ट्रपति यह उम्मीद करते हैं कि आने वाली पीढि़यां उनके योगदान को याद रखते हुए महत्वपूर्ण संस्थानों या इमारतों का नाम उनके नाम पर रखेंगी। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप भविष्य का इंतजार नहीं कर रहे। अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष के पूरा होते-होते उनके प्रशासन और समर्थकों ने कई सरकारी व सार्वजनिक प्रतिष्ठानों पर उनका नाम चस्पां कर दिया है, जो अमेरिकी परंपराओं में असामान्य माना जा रहा है।
अब तक अमेरिकी शांति संस्थान, प्रतिष्ठित केनेडी सेंटर और नौसेना के युद्धपोतों की नई श्रेणी को ट्रंप का नाम दिया जा चुका है। इसके अलावा ट्रंप अकाउंट्स, दवाओं की बिक्री से जुड़ी वेबसाइट ट्रंपआरएक्स, एक मिलियन डॉलर की ट्रंप गोल्ड कार्ड वीजा योजना और आर्मेनिया-अजरबैजान समझौते के तहत बनाए गए ट्रांजिट कॉरिडोर को ट्रंप रूट फार इंटरनेशनल पीस एंड प्रोस्पेरिटी नाम दिया गया है।
फ्लोरिडा में मार-ए-लागो तक जाने वाली सड़क का नाम भी प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप बुलेवार्ड रखा जा रहा है।
राष्ट्रपति इतिहास के विशेषज्ञ जेफ्री एंगेल के अनुसार, “अमेरिकी इतिहास में पहले कभी किसी जीवित और पदासीन राष्ट्रपति के नाम पर इतने बड़े पैमाने पर नामकरण नहीं हुआ। ऐसे सम्मान सामान्यत: स्मारक स्वरूप दिए जाते हैं, न कि सत्ता में रहते हुए।''
व्हाइट हाउस प्रवक्ता लिज हस्टन का कहना है कि ये पहलें ट्रंप के नेतृत्व में हुई ऐतिहासिक उपलब्धियों का प्रतीक हैं और प्रशासन का ध्यान केवल परिणाम देने पर है, ब्रांडिंग पर नहीं।ट्रंप को रोकने के लिए विधेयक भी पेश हालांकि आलोचक इसे व्यक्तिपूजा की खतरनाक प्रवृत्ति मानते हैं।
सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने संघीय इमारतों के नाम किसी मौजूदा राष्ट्रपति पर रखने पर रोक लगाने वाला विधेयक पेश किया है। उन्होंने कहा, “यह उत्तर कोरिया जैसी 'ग्रेट लीडर' मानसिकता की याद दिलाता है, संघीय संपत्तियां किसी व्यक्ति की निजी जागीर नहीं।''
ट्रंप के समर्थकों की कमी नहीं दूसरी ओर रिपब्लिकन सांसद ट्रंप के सम्मान में नए प्रस्ताव ला रहे हैं। डलेस हवाईअड्डे का नाम बदलकर डोनाल्ड जे. ट्रंप अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा करने, मेट्रो को ट्रंप ट्रेन कहने और 14 जून को ट्रंप बर्थडे घोषित करने जैसे सुझाव सामने आए हैं। समर्थकों का तर्क है कि फेंटेनाइल संकट से लड़ाई और अंतरराष्ट्रीय शांति समझौतों में उनकी भूमिका के कारण वे सम्मान के हकदार हैं।
लोकतांत्रिक परंपरा के लिए चुनौती व्यवसायी पृष्ठभूमि से आए ट्रंप पहले से ही इमारतों, होटलों और उत्पादों पर अपना नाम चमकाते रहे हैं। अब वही शैली सरकारी दायरे में भी दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति राष्ट्रपति तक पहुंच पाने के लिए उनके अहं को तुष्ट करने की होड़ को बढ़ावा दे सकती है, जो अमेरिकी लोकतांत्रिक परंपरा के लिए नई चुनौती है।

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