भारत-चीन टैरिफ पर ट्रंप का मिजाज कैसे हो गया नरम? पुतिन से मुलाकात के बाद कर दिया बड़ा एलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में हुई बैठक बेनतीजा रही। दोनों नेताओं के बीच किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई। भारत भी इस बैठक पर नजर रख रहा था। पुतिन से मुलाकात के बाद ट्रंप के तेवर बदले हुए दिखे। टैरिफ को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी जरूरत नहीं है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में बैठक हुई। हालांकि, दोनों के नेताओं के बीच कई घंटों की ये बैठक बेनतीजा रही। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक में किसी भी मुद्दें पर सहमति नहीं बन सकी।
दरअसल, भारत भी दोनों नेताओं की बैठक पर बारीकी से नजर रख रहा था। हालांकि, पुतिन से मुलाकात के बाद ट्रंप के तेवर बदल गए हैं। हमेशा टैरिफ को लेकर भड़काउ टिप्पणी करने वाले ट्रंप से जब भारत और चीन पर टैरिफ को लेकर पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी जरूरत नहीं है।
बदले-बदले से लग रहे हैं ट्रंप
पुतिन से मुलाकात के बाद जब ट्रंप निकले, तो उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब दिया। इस दौरान ट्रंप से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ को लेकर सवाल किया गया। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर दो से तीन हफ्तों में विचार कर सकते हैं। हालांकि, वर्तमान में इसकी जरूरत नहीं है।
'अभी सेकेंड्री टैरिफ के बारे नहीं सोच रहा'
बता दें कि फॉक्स न्यूज से बात करने के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि आज जो बैठक हुई है, उसके बाद मुझे अभी सेकेंड्री टैरिफ के बारे में नहीं सोचना पड़ रहा है। हो सकता है कि दो या तीन हफ्तों में सोचना पड़े, लेकिन अभी नहीं। ये बैठक बेहतरीन रही।
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति की ये टिप्पणी भारत और रूस के बीच तेल व्यापार और चीन पर संभावित शुल्क से जुड़े एक सवाल पर आई। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह जवाबी शुल्कों की बात कर रहे थे, या उन देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की, जो खास तौर से रूस से तेल खरीद रहे हैं।
ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों को दी थी धमकी
बता दें कि हाल के दिनों में ट्रंप ने एलान करते हुए कहा था कि वे रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर सेकेंड्री प्रतिबंध लगाएंगे। साथ ही उन्होंने रूस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की भी धमकी दी थी।
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