हैंडशेक में दिखाई ताकत, बातचीत के बाद क्यों टूटा ट्रंप का आत्मविश्वास? जानें एक्सपर्ट ने क्या कहा
अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बॉडी लैंग्वेज शिखर सम्मेलन में चर्चा का विषय रही। विशेषज्ञों के अनुसार ट्रंप की शुरुआती भाव-भंगिमा में उत्साह था लेकिन बैठक के बाद वे निराश दिखे। पुतिन के साथ डबल हैंडशेक और बांहों को ढीला करके चलना जैसे संकेत भी देखे गए। वार्ता में शांति समझौते पर सहमति न होने से ट्रंप निराश थे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के अलास्का एंकरेज शहर में वार्ता से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डबल हैंडशेक (दो हाथों से हाथ मिलाना) के सूक्ष्म संकेतों से लेकर बैठक के अंत तक 'निराश' होने के संकेतों तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भाव भंगिमा या बॉडी लैंग्वेज इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के दौरान चर्चा का विषय रही।
भाव भंगिमा विशेषज्ञों ने बताया है कि शिखर सम्मेलन के दौरान उत्साहित दिख रहे ट्रंप की बॉडी लैंग्वेज में कैसे बड़ा बदलाव आया और सम्मेलन के अंत में वह आत्मविश्वास नजर नहीं आया जो वार्ता से पहले नजर आ रहा था।
बॉडी लैंग्वेज विशेषज्ञ ने क्या कहा?
बॉडी लैंग्वेज विशेषज्ञ पैटी एन. वुड के अनुसार, जैसे ही पुतिन एंकरेज हवाईअड्डे पर उतरे, ट्रंप ने हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया। इस दौरान गर्मजोशी नजर आ रही थी। न्यूजवीक से बात करते हुए पैटी ने कहा कि यह अभिवादन 'सम्मान, नियंत्रण और परिचय' का मिश्रण था, जिसमें दोनों नेता यूक्रेन युद्ध पर वार्ता से पहले सोची-समझी रणनीति के तहत कदम उठा रहे थे।
शुरुआत में ट्रंप की हथेली ऊपर की ओर थी। ट्रंप आमतौर पर अपना हाथ ऊपर रखना पसंद करते हैं। फिर दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए अपनी आंखें मिलाईं और पैटी ने कहा, "इससे गर्मजोशी का पता चलता है। ट्रंप ने तुरंत अपना बायां हाथ पुतिन की बांह पर थपथपाया, जिससे 'दोहरा हाथ मिलाना' जैसा माहौल बन गया।"
बाहें ढीली करके चल रहे थे पुतिन
पैटी ने इसे 'प्रभुत्व का एक सूक्ष्म संकेत' बताया। पुतिन ने भी उसी तरह जवाब दिया। पैटी ने बताया कि जब दोनों नेता फोटो खिंचवाने के लिए मंच की ओर बढ़े, तो पुतिन अपनी बाहें ढीली करके चल रहे थे।
उन्होंने बताया कि छह महीने पहले पुतिन ज्यादा सख्त थे। ट्रंप ने अपनी बाहें पुतिन के पास रखीं उनकी कोहनी पकड़ी और धीरे से फुसफुसाने के लिए झुके। पैटी ने कहा कि यह 'नियंत्रण की चाल और आत्मीयता का संकेत' दोनों था। कुल मिलाकर, अपनी मुलाकात के पहले हिस्से में ट्रंप आत्मविश्वास से भरे दिखे।
मीटिंग के बाद हालात में आया बदलाव
लग रहा था जैसे दो पुराने दोस्त लंबे समय के बाद एक-दूसरे से मिल रहे हों। हालांकि, ट्रंप और पुतिन के बीच तीन घंटे चली बातचीत के बाद हालात में भारी बदलाव आया। यूक्रेन युद्ध में शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही यह बहुप्रतीक्षित बैठक शांति समझौते या युद्धविराम पर किसी समझौते के बिना ही समाप्त हो गई।
रॉयटर की रिपोर्ट के अनुसार, क्लीनिकल और फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक डॉ. जान पाल गैरिसन ने कहा कि सकारात्मक शुरुआत के बावजूद शिखर सम्मेलन के अंत तक ट्रंप 'निराश' नजर आए। वार्ता के बाद जब दोनों नेताओं ने प्रेस कान्फ्रेंस की तो उनकी बाडी लैंग्वेज अलग-अलग थी।
निराश लग रहे थे ट्रंप
रॉयटर ने गैरिसन के हवाले से कहा, लग रहा था जैसे ट्रंप पहले से तैयार तैयार भाषण को राष्ट्रपति पुतिन के साथ बस पढ़ रहे हैं। उनमें कोई खास भावना नहीं देखी। गैरिसन ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप थोड़े अलग थे। वे निराश लग रहे थे, उनकी ऊर्जा कम हो गई थी। वे निराश लग रहे थे। शिखर सम्मेलन के बाद ट्रुथ सोशल पर ट्रंप की विशिष्ट पोस्ट भी गायब थी।
उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि उन्हें वो मिला जो वो चाहते थे, क्योंकि आपने देखा होगा कि वो अधिक शांत दिखे। अगर आपने कभी राष्ट्रपति ट्रंप को बात करते देखा हो, तो वो हमेशा अपने हाथों से बात करते हैं। वो बहुत सारी भावपूर्ण बातें करते हैं। आपने ऐसा बहुत कम देखा होगा।
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