वाशिंगटन डीसी को कंट्रोल में क्यों लेना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप? वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के पुलिस विभाग का नियंत्रण अपने हाथ में लेने और नेशनल गार्ड के 800 सैनिकों की तैनाती की घोषणा की है। जरूरत पड़ने पर वे अमेरिकी सेना भी भेजेंगे। उन्होंने वाशिंगटन को अपराधियों और अनियंत्रित हिंसा का नरक बताया है। हालांकि मेयर म्यूरियल बोसर ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पिछले वर्ष हिंसक अपराध तीन दशकों में सबसे कम था।
रॉयटर्स, वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह वाशिंगटन के पुलिस विभाग का नियंत्रण अपने हाथ में लेंगे और देश की राजधानी में नेशनल गार्ड के 800 सैनिकों की तैनाती करेंगे ताकि अराजकता से निपटा जा सके। जरूरत पड़ी तो वे अमेरिकी सेना भी भेजेंगे। उन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा आपातकाल की घोषणा की है।
ट्रंप का कहना है कि कानून व्यवस्था सुधारने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया है, हालांकि डाटा दर्शाते हैं कि 2024 में हिंसक अपराध 30 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अटार्नी जनरल पाम बांडी की मौजूदगी में पत्रकारों से कहा, मैं वाशिंगटन, डीसी. में कानून, व्यवस्था में मदद के लिए राष्ट्रीय गार्ड को तैनात कर रहा हूं।
ट्रंप ने वाशिंगटन को अपराधियों और अनियंत्रित हिंसा का नरक बताया। इस बीच वाशिंगटन डी.सी. की डेमोक्रेटिक मेयर म्यूरियल बोसर ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पिछले वर्ष हिंसक अपराध तीन दशकों से भी अधिक समय में अपने निम्नतम स्तर पर पहुंच गया था।
अमेरिकी सेना के इस्तेमाल किए जाने पर मुकदमा शुरू
ट्रंप ने आव्रजन कार्रवाई के बाद हालात बिगड़ने पर जून में लॉस एंजिलिस में भी नेशनल गार्ड के सैनिकों की तैनाती की थी। पुलिस की भूमिका में अमेरिकी सेना के इस्तेमाल किए जाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले को लेकर सोमवार को ऐतिहासिक मुकदमा शुरू हो रहा है।
सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी जिला जज चार्ल्स ब्रेयर के समक्ष सुनवाई में निर्धारित होगा कि क्या सरकार ने लास एंजेलिस में नेशनल गार्ड की तैनाती कर 19वीं सदी के कानून का उल्लंघन किया जो पुलिस की भूमिका में सैनिकों की तैनाती पर रोक लगाता है।
यह भी तय होगा कि क्या ट्रंप प्रशासन ने डेमोक्रेटिक गवर्नर गेविन न्यूसम की मंजूरी के बिना नेशनल गार्ड सैनिकों और अमेरिकी मरीन को तैनात करके अमेरिकी कानून का उल्लंघन किया है।
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