वेनेज़ुएला से नाइजीरिया तक... ट्रंप की 'हिट लिस्ट' मे कितने देश और क्यों?
डोनल्ड ट्रंप की विदेश नीति आक्रामक बनी हुई है, जिसमें वेनेज़ुएला पर सैन्य कार्रवाई और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी शामिल है। उन्होंने ग्रीनलैंड को 'राष् ...और पढ़ें
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही उनकी विदेश नीति बेहद आक्रामक बनी हुई है। वेनेज़ुएला पर हालिया सैन्य कार्रवाई और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर में हलचल मची हुई है।
ग्रीनलैंड को 'राष्ट्रीय सुरक्षा' के नाम पर हासिल करने की उनकी बार-बार उठाई जा रही मांग और डेनमार्क को दी जा रही चेतावनियां चर्चा में हैं। इसके अलावा कोलंबिया, क्यूबा, मेक्सिको, ईरान जैसे कई देशों को ट्रंप ने खुलेआम धमकियां दी हैं।
ये चेतावनियां कब सैन्य कार्रवाई में बदल जाएं, यह किसी को नहीं पता। आइए नजर डालते हैं उन देशों पर, जिन्हें ट्रंप की ओर से सख्त वार्निंग मिल चुकी है और उनकी रणनीति क्या हो सकती है?
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की नीति
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने बार-बार सुरक्षा का हवाला दिया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि ग्रीनलैंड अमेरिकी सुरक्षा और ऊर्जा हितों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि डेनमार्क और नाटो देश अमेरिका की किसी भी तरह की कार्रवाई को खारिज करता रहा है।
बता दें अमेरिका पहले से ही ग्रीनलैंड पर पिटुफिक स्पेस बेस का संचालन करता है, ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि ग्रीनलैंड में सीमित सैन्य उपस्थिति काफी नहीं है।
क्यों खास है ग्रीनलैंड?
ग्रीनलैंड उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक के बीच एक महत्वपूर्ण स्थान पर है, यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसका रणनीतिक महत्व बढ़ रहा है क्योंकि पिघलती बर्फ नए शिपिंग मार्ग खोल रही है।
यह इलेक्ट्रिक वाहनों, स्मार्टफोन और सैन्य प्रौद्योगिकी के लिए आवश्यक दुर्लभ अर्थ मटेरियल से भी भरा हुआ है।

क्या कहते हैं ट्रंप?
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का कहना है कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड की सुरक्षा नहीं करता है, तो चीन और रूस ऐसा करेंगे, जिससे अमेरिकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
ड्रग्स को लेकर कोलंबिया पर वार
कोलंबिया तेल और खनिजों से भरपूर है। ग्लोबल कोकीन व्यापार में एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद, ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर चेतावनी दी है।
ट्रंप ने पेट्रो की सरकार पर ड्रग्स उत्पादन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका अगला निशाना कोलंबिया को बना सकता है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह 'अच्छा लगता है।'
ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि पेट्रो की सरकार में कोकीन का उत्पादन बढ़ा है। ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद से प्रतिबंध लगाए गए हैं। पेट्रो ने पलटवार करते हुए आरोपों को खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि अगर हमला हुआ तो कोलंबिया अपनी रक्षा करेगा।
पेट्रो एक बीमार आदमी है जिसे कोकीन बनाना और उसे संयुक्त राज्य अमेरिका को बेचना पसंद है: डोनाल्ड ट्रंप

क्या कहते हैं ट्रंप?
कोलंबिया अमेरिका में ड्रग्स की बाढ़ आने दे रहा है, जिससे अमेरिका कार्रवाई करने पर विचार करने के लिए मजबूर हो रहा है।
मेक्सिको को ट्रंप की धमकी
मेक्सिको लंबे समय से ट्रंप की राजनीति का केंद्र रहा है, सीमा पर दीवार बनाने के वादों से लेकर सख्त इमिग्रेशन नीतियों तक मक्सिको निशाना बनते रहा है।
ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनाने के बाद मेक्सिको के साथ तनाव फिर से बढ गया है। यहां तक कि गल्फ ऑफ़ मेक्सिको का नाम बदलकर 'गल्फ ऑफ़ अमेरिका' कर दिया है।
ट्रंप ने मेक्सिको के अधिकारियों पर अमेरिका में ड्रग्स और प्रवासियों को आने से रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि नशीले पदार्थ सीमा पार से आ रहे हैं।

क्या कहते हैं ट्रंप?
मेक्सिको को लेकर ट्रंप का कहना है कि अगर मेक्सिको कार्टेल को कंट्रोल नहीं कर सकता, तो अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए दखल देगा।
पनामा नहर पर ट्रंप का तर्क
ट्रंप ने बार-बार तर्क दिया है कि अमेरिका को दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण व्यापार लिंक में से एक, पनामा नहर का नियंत्रण कभी नहीं छोड़ना चाहिए था।
उन्होंने नहर को पनामा को सौंपने को एक रणनीतिक गलती बताया है जिसने अमेरिकी शक्ति को कमजोर किया। यहां तक कि ट्रंप ने बाद में यह भी सुझाव दिया कि अमेरिका नहर को वापस ले रहा है।

क्या कहते हैं ट्रंप?
पनामा नहर को लेकर ट्रंप का कहना है कि यह कैनाल वैश्विक व्यापार और अमेरिकी सुरक्षा के लिए इतनी महत्वपूर्ण है कि इसे अमेरिकी हाथों से बाहर नहीं छोड़ा जा सकता।
क्यूबा: दुश्मन का दोस्त भी दुश्मन
क्यूबा पिछले छह दशक से ज्यादा समय से अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत रह रहा है, लेकिन वेनेजुएला के साथ उसके करीबी संबंधों ने इसके असर को कम करने में मदद की।
सालों तक, काराकास ने क्यूबा के डॉक्टरों और मेडिकल सहायता के बदले हवाना को भारी सब्सिडी वाला तेल दिया, जिससे उसे एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा मिला।
निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने के बाद, क्यूबा पर खतरा मंडराने लगा है। ट्रंप और अमेरिकी अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि वेनेजुएला के तेल के बिना, क्यूबा का नेतृत्व तेजी से कमजोर हो रहा है।

क्या कहते हैं ट्रंप?
क्यूबा को लेकर ट्रंप का कहना है कि दुश्मन सरकारों का समर्थन करके बचा हुआ है, और वेनेजुएला के बिना, उसे या तो कोई समझौता करना होगा या पतन का सामना करना होगा।
कनाडा उठाता है अमेरिका का फायदा
वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद से कनाडा को सीधे तौर पर कोई खतरा नहीं हुआ है, लेकिन ट्रंप की पिछली बयानबाजी अभी भी रिश्तों पर हावी है। ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि कनाडा अमेरिका का फायदा उठाता है और यहां तक कि इसे 51वां राज्य बनाने का विचार भी सामने रखा है।
ट्रंप ने कनाडाई सामानों पर 35 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया है, हालांकि USMCA ट्रेड डील के तहत कई सामानों को छूट मिली हुई है। अक्टूबर 2025 में, ओंटारियो में टैरिफ विरोधी विज्ञापन प्रसारित होने के बाद उन्होंने ट्रेड बातचीत को पूरी तरह से रोकने की धमकी दी थी।

क्या कहते हैं ट्रंप?
कनाडा को लेकर ट्रंप का कहना है कि कनाडा बिना किसी आर्थिक नुकसान के बहुत लंबे समय तक अमेरिका से फायदा उठाया है।
वेनेजुएला से बदला
वेनेजुएला पर अमेरिका ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत कार्रवाई की, जिसके तहत निकोलस मादुरो को पकड़ा गया। इस कार्रवाई ने लैटिन अमेरिका के प्रति अमेरिका के नजरिए में एक बड़ा बदलाव दिखाया है।
ट्रंप ने शुरू में इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा कार्रवाई और आर्थिक रीसेट बताया है, लेकिन बाद में फोकस तेल पर चला गया।
प्रशासन ने वेनेजुएला के कच्चे तेल को अमेरिका भेजने की योजनाओं का संकेत दिया, जिसमें ट्रंप ने दावा किया कि प्रतिबंधों के तहत 50 मिलियन बैरल तक तेल लिया जा सकता है।
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति, डेल्सी रोड्रिग्ज ने इस दावे को खारिज कर दिया। जिसके बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक नकली विकिपीडिया पेज पोस्ट करके रोड्रिग्ज का मज़ाक उड़ाया, जिसमें ट्रंप ने खुद को 'वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति' बताया था।

क्या कहते हैं ट्रंप?
वेनेजुएला को लेकर ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला अमेरिका में ड्रग्स और अपराधियों को भेजकर एक खतरा बन गया था, जो अमेरिकी नियंत्रण को सही ठहराता है।
ट्रंप के रडार पर ईरान
ईरान मोनरो या डोनरो सिद्धांत की पारंपरिक पहुंच से बाहर है, फिर भी यह ट्रंप के रडार पर मजबूती से बना हुआ है। जून 2025 में, इजराइल द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पहले किए गए हमलों के बाद, अमेरिका ने फोर्डो, नतान्ज और इस्फहान में ईरान की परमाणु ठिकानों पर हमला किया।
ये हमले इजराइल-ईरान के बीच टकराव के बाद हुए। हाल ही में, बिगड़ती आर्थिक स्थितियों के कारण शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाया गया। मानवाधिकार समूहों ने दर्जनों मौतों की सूचना दी है।

क्या कहते हैं ट्रंप?
ट्रंप ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों पर किसी भी हिंसक कार्रवाई से अमेरिका और हमले करेगा। हम इस पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं। अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू करते हैं, तो मुझे लगता है कि उन्हें अमेरिका से बहुत ज़ोरदार झटका लगेगा।'
नाइजीरिया में ईसाईयों के समर्थम में ट्रंप
2025 के आखिर में नाइजीरिया ट्रंप के फोकस में आया, जब उन्होंने इस्लामी समूहों द्वारा ईसाइयों के खिलाफ हिंसा का हवाला देते हुए देश को खास चिंता वाला देश बताया। इस चेतावनी के बाद कार्रवाई हुई।क्रिसमस के दिन, अमेरिका ने उत्तर-पश्चिम नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमले किए।
ट्रंप ने तब से चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो और भी हमले हो सकते हैं। नाइजीरिया की सरकार ने व्यवस्थित उत्पीड़न के दावों को खारिज कर दिया है और किसी भी विदेशी दखल का विरोध किया है।

क्या कहते हैं ट्रंप?
नाइजीरिया को लेकर ट्रंप का कहना है कि अगर नाइजीरिया इस्लामी हिंसा पर लगाम नहीं लगाता है, तो अमेरिका दखल देगा।

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