झाड़-फूंक चक्कर में गई लड़की की जान, कोर्ट ने मां-बेटी को सुनाई सजा
चीन के शेनझेन में एक अंधविश्वासी झाड़-फूंक के दौरान एक छोटी बेटी की मौत हो गई। मां और बड़ी बेटी ने टेलीपैथी व आत्माओं के कब्जे के अंधविश्वास में यह रस ...और पढ़ें

झाड़-फूंके चक्कर में गई लड़की की जान।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन के शेनझेन से एक जानलेवा झाड़-फूंक की रस्म के बाद एक चीनी महिला और उसकी बेटी की सजा सुनाई गई। झाड़फूंक के चक्कर में छोटी बेटी की मौत हो गई।
द साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, दक्षिणी चीन में एक महिला और उसकी बड़ी बेटी को एक दुखद घटना के बाद सस्पेंडेड जेल की सजा मिली है, जिसमें एक अंधविश्वास वाली झाड़-फूंक केदौरान छोटी बेटी की मौत हो गई थी।
अंधविश्वास ने ली लड़की की जान
शेनझेन म्युनिसिपल पीपल्स प्रोक्यूरेटोरेट की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना पिछले साल दिसंबर में गुआंग्डोंग प्रांत के शेनझेन में हुई थी। ली सरनेम वाली मां और उसकी बड़ी बेटी, दोनों ही टेलीपैथी और आत्माओं के कब्जे से जुड़े अंधविश्वासों और प्रथाओं में गहराई से शामिल थीं, उनका मानना था कि शैतान उनके परिवार पर हमला कर रहे हैं।
'बेटी पर शैतान का साया'
घटना वाले दिन, ली की छोटी बेटी, जिसका सरनेम भी शी था, उसने दावा किया कि उस पर एक शैतान का साया है और उसने झाड़-फूंक करने के लिए कहा। ली और उसकी बड़ी बेटी ने यह झाड़फूंक करने की कोशिश की, जिसमें लड़की की छाती पर जोर से दबाना और उल्टी करवाने के लिए उसके गले में पानी डालना शामिल था। SCMP के अनुसार, लड़की ने शुरू में कहा कि इस दौरान उसे मदद मिल रही है और उसने उन्हें जारी रखने के लिए कहा।
महिलाओं पर लापरवाही से हत्या का आरोप
अगली सुबह, छोटी शी बेहोश मिली और उसके मुंह से खून निकल रहा था। इमरजेंसी सेवाओं को बुलाया गया, लेकिन उसे मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। अधिकारियों ने मौत का कारण झाड़फूंक से जुड़ा हुआ पाया और दोनों महिलाओं पर लापरवाही से हत्या का आरोप लगाया।
कोर्ट ने मां-बेटी को सुनाई सजा
जुलाई में, शेनझेन कोर्ट ने ली और उसकी बड़ी बेटी दोनों को तीन साल जेल की सजा सुनाई, जिसे चार साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया। कोर्ट ने माना कि महिलाओं का इरादा नुकसान पहुंचाने का नहीं था और उन्हें लगता था कि वे मरी हुई लड़की की मदद कर रही हैं। इस मामले ने अवैज्ञानिक और अंधविश्वास वाली प्रथाओं के खतरों और जब उन्हें हद से ज्यादा किया जाता है तो उनसे होने वाले नुकसान की ओर ध्यान खींचा है।

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