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    भारत से पंगा लेना ट्रंप को पड़ा महंगा... जापान ने ले लिया बड़ा फैसला, अमेरिका को लगा तगड़ा झटका

    Updated: Thu, 21 Aug 2025 10:00 PM (IST)

    जापान अगले दशक में भारत में 68 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की आगामी जापान यात्रा के दौरान इस निवेश की घोषणा होने की संभावना है। यह निवेश 2022 में घोषित पांच ट्रिलियन येन के निवेश लक्ष्य से अतिरिक्त होगा। दोनों देश चीन के प्रभाव को कम करने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

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    मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने पर काम कर रहे दोनों देश (फोटो: रॉयटर्स)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगले एक दशक में जापान भारत में 68 अरब डॉलर (10 ट्रिलियन येन) का निवेश करने पर विचार कर रहा है। इसकी घोषणा इस महीने के अंत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जापान दौरे में की जा सकती है।

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    जापान की सरकारी समाचार एजेंसी क्योदो न्यूज ने कहा कि 68 अरब डॉलर के नए निवेश का एलान 2022 में शुरू किए गए पांच ट्रिलियन येन के निवेश लक्ष्य से अतिरिक्त है। यह निवेश ऐसे समय आ रहा है जब दोनों देश चीन के सामने मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं।

    तीन दिनों की यात्रा पर जाएंगे पीएम

    माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के बीच शिखर वार्ता के बाद इस निवेश का एलान किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा 29 अगस्त से तीन दिनों की होगी। मई 2023 के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की जापान की पहली यात्रा होगी। उस समय उन्होंने हिरोशिमा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।

    जापान सरकार ने मार्च, 2022 में तत्कालीन प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा की भारत यात्रा के समय कहा था कि वह पांच सालों में पांच ट्रिलियन येन का सार्वजनिक और निजी निवेश करेगी। सूत्रों के हवाले से क्योदो न्यूज ने बताया कि दोनों देश की सरकारें आर्थिक सुरक्षा (महत्वपूर्ण वस्तुओं की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना) में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक नए ढांचे पर भी काम कर रही हैं।

    सेमीकंडक्टर, एआई में होगा निवेश

    इसमें सेमीकंडक्टर, दुर्लभ खनिज, संचार, स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दवा उत्पाद शामिल हैं। दोनों पक्ष उभरती हुई तकनीक और उससे जुड़े स्टार्टअप के लिए एक एआई सहयोग पहल की घोषणा करने की भी योजना बना रहे हैं। एक सूत्र ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि जिन क्षेत्रों में भारतीय कंपनियां मजबूत हैं, उनमें जापानी कंपनियों और उनके भारतीय समकक्षों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने से टोक्यो की अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान मिलेगा।'

    अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पूर्वोत्तर जापान के मियागी प्रांत में सेंडाई की यात्रा कर सकते हैं, जहां वह शिंकानसेन बुलेट ट्रेन कार का अवलोकन करेंगे तथा चिप बनाने वाले उपकरणों के एक प्रमुख जापानी निर्माता का दौरा करेंगे।

    (न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)

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