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    इजरायल में भूकंप के तेज झटके , दहशत में लोग; न्यूक्लियर टेस्ट की फैली अफवाह

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 08:43 PM (IST)

    इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र डिमोना के पास था। भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन उसी समय देशभर में इमरजे ...और पढ़ें

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    डिमोना के पास भूकंप से हड़कंप, न्यूक्लियर टेस्ट की फैली अफवाह (फाइल फोटो)

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल के दक्षिणी हिस्से नेगेव रेगिस्तान में गुरुवार सुबह भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए। भूकंप भले ही हल्का था, लेकिन इसका केंद्र डिमोना के पास होने और उसी वक्त देशभर में इमरजेंसी ड्रिल चलने से सोशल मीडिया पर न्यूक्लियर टेस्ट की अफवाहें फैल गई।

    गुरुवार सुबह करीब 9 बजे (स्थानीय समय) इजरायल में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र डिमोना शहर से करीब 19 किलोमीटर दूर डेड सी रिफ्ट वैली में था। भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी, यानी यह शैलो भूकंप था।

    इस भूकंप के झटके नेगेव रेगिस्तान, डेड सी इलाके, बेयरशेबा और यरूशलेम के कुछ हिस्सों तक महसूस किए गए। कई लोगों ने बताया कि जमीन 1-2 सेकंड तक हिली। हालांकि किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। भूकंप के बाद कुछ इलाकों में सायरन भी बजे, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। लोग घरों से बाहर निकल आए और सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे।

    डेड सी रिफ्ट वैली और भूकंप

    इजरायल का यह इलाका डेड सी रिफ्ट वैली में आता है, जहां भूकंप आना आम बात है। यह क्षेत्र दो टेक्टॉनिक प्लेट्स के जंक्शन पर स्थित है, इसलिए यहां अक्सर हल्के से मध्यम भूकंप दर्ज किए जाते हैं। लेकिन इस बार भूकंप का समय और जगह असामान्य मानी गई, क्योंकि इसका केंद्र डिमोना के बेहद करीब था। यही वजह है कि सामान्य भूकंप होते हुए भी इस घटना ने ज्यादा ध्यान खींचा।

    न्यूक्लियर टेस्ट की अफवाहें क्यों फैलीं?

    डिमोना शहर के पास इजरायल का सबसे गोपनीय न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर स्थित है, जिसे शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर कहा जाता है। माना जाता है कि यहां 1960 के दशक से प्लूटोनियम बनाकर न्यूक्लियर हथियार विकसित किए गए।

    इजरायल कभी भी न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी (NPT) का हिस्सा नहीं रहा और वह अपनी न्यूक्लियर क्षमता को लेकर 'स्ट्रैटेजिकएम्बिग्युटी' की नीति अपनाता है। इसी वजह से किसी भी असामान्य गतिविधि पर अटकलें तेज हो जाती हैं। भूकंप की शैलो गहराई, कुछ सेकंड की अवधि और उसी वक्त पूरे देश में स्कूलों में नेशनल इमरजेंसी ड्रिल चलने से सोशल मीडिया पर लोगों ने न्यूक्लियर टेस्ट की आशंका जतानी शुरू कर दी।

    सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

    पूर्व इजरायली फुटबॉलर अलोन मिजराही ने एक्सपर लिखा कि डिमोना के पास आया यह छोटा लेकिन असामान्य भूकंप किसी संदेश की ओर इशारा कर सकता है। उन्होंने कहा कि इजरायल शायद अमेरिका को संकेत दे रहा है। अमेरिकी MMA फाइटर जेक शील्ड्स ने भी सवाल उठाया कि क्या यह ईरान को चेतावनी देने का तरीका है। हालांकि इन दावों का कोई आधिकारिक सबूत नहीं है।

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