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    'अंतरराष्ट्रीय कानून का कुछ देश खुलेआम कर रहे उल्लंघन', गुटेरस ने दी चेतावनी

    Updated: Fri, 16 Jan 2026 11:30 PM (IST)

    संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अंतरराष्ट्रीय कानून के खुलेआम उल्लंघन पर चिंता जताई है। उन्होंने कुछ देशों की ओर से अंतरराष्ट्रीय का ...और पढ़ें

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    'अंतरराष्ट्रीय कानून का कुछ देश खुलेआम कर रहे उल्लंघन', गुटेरस (फाइल फोटो)

     

    पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अंतरराष्ट्रीय कानून के खुलेआम उल्लंघन पर चिंता जताई है। उन्होंने कुछ देशों की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानून का खुले तौर उल्लंघन किए जाने की निंदा की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर कोई ऐसा मेन्यू नहीं है, जिसमें से अपनी पसंद का नियम चुना जा सके।

    यूएन प्रमुख ने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों को सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए सबसे आगे रहना चाहिए। इसके साथ ही यह चेतावनी भी दी कि जो लोग आज विशेषाधिकारों से चिपके रहने का प्रयास करेंगे, उन्हें कल इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

    यूएन प्रमुख का यह बयान वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले और अन्य भू-राजनीतिक चुनौतियों की पृष्ठभूमि में आया है। उन्होंने कहा कि दुनिया संघर्ष, असमानता और अनिश्चितता से भरी हुई है।

    यूएन महासचिव के रूप में अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में प्रवेश कर रहे गुटेरस ने गुरुवार को 193 सदस्यीय महासभा में कहा कि वह 2026 के हर दिन को सार्थक बनाएंगे और वह बेहतर दुनिया के लिए काम करने, लड़ने और प्रयास जारी रखने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध व दृढ़संकल्पित हैं।

    उन्होंने कहा कि जब नेता अपनी सुविधा के हिसाब से यह चुनते हैं कि किस नियम को मानना है और किसे नहीं तो वे दुनिया की व्यवस्था को कमजोर करते हैं और एक बेहद खतरनाक मिसाल कायम करते हैं। गुटेरस का यूएन महासचिव के रूप में यह दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होगा।

    सुधार को लेकर कही यह बात सुधार पर जोर देते हुए महासचिव ने कहा, 'संस्थानों को लेकर सुधार ऐसे होने चाहिए, जो आज की दुनिया को दर्शाते हों। 1945 की समस्याओं के समाधान के उपायों से 2026 की समस्याओं का निराकरण नहीं होगा। अगर यह संरचना हमारे समय, हमारी दुनिया और हमारी वास्तविकता को नहीं दर्शाती है तो वह अपनी प्रासंगिकता को खो देगी।'