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    अपने ही देश में आसिम मुनीर की हो रही फजीहत, इमरान खान ने PAK आर्मी चीफ पर क्या लगाया आरोप?

    Updated: Tue, 29 Jul 2025 06:42 AM (IST)

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर निशाना साधते हुए कहा है कि जनरल सत्ता पर पकड़ बनाए रखने के लिए सेना का अपमान कर रहे हैं और राष्ट्रीय हितों की बलि दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश मुनीर के कानून के तहत चल रहा है और आईएसआई उसे संरक्षण दे रही है।

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    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ पर निशाना साधा है।(फाइल फोटो)

    पीटीआई. लाहौर। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर निशाना साधते हुए कहा है कि जनरल सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए सेना का अपमान कर रहे हैं और राष्ट्रीय हितों की बलि दे रहे हैं।

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    इमरान खान ने हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, देश मुनीर के कानून के तहत चल रहा है और आइएसआइ उसे संरक्षण दे रही है। वह सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए हर राष्ट्रीय हित की बलि देने को तैयार हैं।

    याह्या खान के शासन में पूर्वी पाकिस्तान में हुआ था गृहयुद्ध

    आसिम मुनीर सेना का अपमान वैसे ही कर रहे हैं जैसे याह्या खान ने कभी किया था। गौरतलब है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल याह्या खान के शासन में पूर्वी पाकिस्तान में गृहयुद्ध हुआ था। जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का उदय हुआ था।

    इमरान खान की यह बयान अगले महीने शुरू होने वाले पाक सरकार के खिलाफ उनकी पार्टी के अभियान से पहले आई है। इमरान खान ने कहा कि इस समय सीनेट, नेशनल असेंबली, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति सभी असंवैधानिक हैं।

    शहबाज शरीफ के खिलाफ अदालत की अवमानना याचिका दायर

    पाकिस्तान के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को लागू करने में विफल रहने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ अदालत की अवमानना याचिका दायर की है।

    अपनी याचिका में पूर्व मुख्य न्यायाधीश जवाद एस ख्वाजा ने कहा कि शीर्ष न्यायालय ने सात मई को सैन्य अदालतों द्वारा नागरिकों के खिलाफ मुकदमा चलाने की घोषणा करते हुए पाकिस्तान सरकार को निर्देश दिया था कि वह 45 दिनों के भीतर कानून में संशोधन करे या कानून बनाए, ताकि सैन्य अदालतों द्वारा दोषी ठहराए गए नागरिकों को उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार मिल सके।

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