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    भारत के खिलाफ एक्शन लेकर PAK ने मार ली अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी, जानिए कैसे लगा 4 अरब रुपये का झटका

    Updated: Sat, 09 Aug 2025 11:00 PM (IST)

    पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जिससे पाकिस्तान बौखला गया। पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना एअरस्पेस बंद कर दिया जिससे उसे भारी वित्तीय नुकसान हुआ। दो महीने में उसे लगभग 4.1 अरब रुपये का नुकसान हुआ। सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के बाद पाकिस्तान ने गुस्से में यह कदम उठाया जिससे रोजाना 150 भारतीय विमान प्रभावित हुए।

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    भारतीय विमानों के लिए अपने एअरस्पेस को बंद किए जाने के बाद पाकिस्तान को करीब 4.1 अरब रुपये का नुकसान।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम देकर पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान पूरी तरह बौखला उठा।

    पड़ोसी मुल्क ने न सिर्फ भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की बल्कि उसने भारतीय विमानों के लिए अपना एअरस्पेस भी बंद कर दिया। हालांकि, ऐसा करके उसने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली।

    दरअसल, भारतीय विमानों के लिए अपने एअरस्पेस को बंद किए जाने के बाद पाकिस्तान को महज दो महीने में तकरीबन 14.39 मिलियन डॉलर यानी (करीब 4.1 अरब रुपये) का नुकसान हुआ है।

    सिंधु जल समझौता रद होने के बाद बौखला उठा पाक

    पहलगाम हमले के बाद भारत ने कुछ कड़े फैसले लिए थे। इन फैसलों में सिंधु जल समझौते को स्थगित करना भी था। 24 अप्रैल 2025 को मोदी सरकार के इस फैसले का शहबाज शरीफ सरकार ने विरोध किया है।

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    गुस्से में आकर पाकिस्तान ने अगले ही दिन भारतीय एअरलाइंस और भारतीयों द्वारा संचालित सभी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया। पाकिस्तान के इस फैसले से रोजाना करीब 150 भारतीय विमानों पर असर पड़ा। पाकिस्तान से गुजरने वाला ट्रांजिट ट्रैफिक करीब 20 फीसदी घट गया।

    पाक सरकार ने संसद में क्या कहा?

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने संसद को बताया कि हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने के फैसले संघीय सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और ये नोटिस टू एयरमैन (NOTAM) के जरिए जारी किए जाते हैं।

    अखबार डॉन के हवाले से बयान में कहा गया है, "हालांकि वित्तीय नुकसान होता है, लेकिन संप्रभुता और राष्ट्रीय रक्षा आर्थिक कारणों से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं।" मंत्रालय ने दोहराया कि पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को संभावित खतरों से बचाना राजस्व के नुकसान से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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