बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं को बताया 'अस्वीकार्य', ब्रिटेन की सांसद पटेल ने यूनुस सरकार से की कार्रवाई की मांग
पटेल ने अपने एक्स पर पत्र शेयर करते हुए लिखा कि बांग्लादेश की स्थिति बहुत चिंताजनक है। धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा होनी चाहिए और हिंदुओं की हत्याएं व ...और पढ़ें

ब्रिटेन की सांसद पटेल ने कहा धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा होनी चाहिए (फोटो- रॉयटर)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी की प्रमुख नेता और विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास मामलों की विदेश सचिव प्रीति पटेल ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने ब्रिटिश विदेश सचिव को लिखे पत्र में स्थिति को "बहुत चिंताजनक" करार देते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा होनी चाहिए और हिंदुओं की हत्याएं व उत्पीड़न "गलत" हैं तथा इन्हें तुरंत रोकना होगा।
पटेल ने अपने एक्स पर पत्र शेयर करते हुए लिखा कि बांग्लादेश की स्थिति बहुत चिंताजनक है। धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा होनी चाहिए और हिंदुओं की हत्याएं व उत्पीड़न गलत हैं तथा रुकने चाहिए। ब्रिटेन सरकार को अपने प्रभाव और समन्वय शक्तियों का उपयोग कर बांग्लादेश में स्थिरता लानी चाहिए, जहां धार्मिक स्वतंत्रता सुरक्षित हो और हिंदू सुरक्षित रहें।
18 दिनों में कम से कम 6 हिंदुओं की हत्या
पटेल ने हाल की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि हाल के हफ्तों में 18 दिनों के भीतर कम से कम छह हिंदुओं की हत्या की खबरें आई हैं। उन्होंने इस स्तर की हिंसा और उत्पीड़न को "अस्वीकार्य" बताया।
उन्होंने ब्रिटिश सरकार से कई सवाल पूछे:
- पिछले एक साल में स्थिति की निगरानी और बांग्लादेश अधिकारियों से बातचीत के लिए क्या कदम उठाए गए?
- पिछले कुछ हफ्तों में विदेश सचिव और मंत्रियों ने बांग्लादेश के अधिकारियों से हिंसा वृद्धि पर क्या सीधा संपर्क किया?
- हिंदू समुदायों की सुरक्षा के लिए क्या आश्वासन मिले हैं?
- क्या ब्रिटेन में बांग्लादेश के उच्चायुक्त से इस मुद्दे पर बात हुई?
पटेल ने दिसंबर 2024 में हाउस ऑफ कॉमन्स में उठाए गए एक तत्काल प्रश्न का भी जिक्र किया, जहां तत्कालीन इंडो-पैसिफिक मंत्री ने बांग्लादेश दौरे के दौरान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चर्चा का आश्वासन दिया था।
अंतरिम सरकार के तहत हिंसा में तेजी
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में (अगस्त 2024 से) अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज (HRCBM) ने 6 जून 2025 से 5 जनवरी 2026 तक के बीच 116 मौतों का दस्तावेजीकरण किया है, जिसमें लिंचिंग, हत्या और संदिग्ध मौतें शामिल हैं। संगठन ने इसे "छिटपुट" नहीं बल्कि राष्ट्रव्यापी लक्षित अत्याचारों का पैटर्न बताया है, जो सभी 8 डिवीजनों और 45 जिलों में फैला हुआ है।
दिसंबर 2025 में ही दर्जनों हमले रिपोर्ट हुए, जिनमें लिंचिंग, आगजनी और मंदिरों पर हमले शामिल हैं। भारत की विदेश मंत्रालय ने भी हाल ही में "अल्पसंख्यकों पर हमलों के दोहराव वाले पैटर्न" की निंदा की है और इसे "गंभीर चिंता" का विषय बताया है।

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