लंदन की सड़कों पर 'भेड़िए! नाबालिग लड़कियां बन रहीं शिकार, ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग कैसे करता है काम
लंदन... सख्त कानूनों और पुलिसिंग के लिए जाना जाने वाला दुनिया का मशहूर शहर... अगर वहां इंसानी भेष में सड़कों, गलियों में भेड़िए घूमते दिखें... नाबालिग ...और पढ़ें

ब्रिटेन में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल (फोटो- जागरण ग्राफिक्स)
गुरप्रीत चीमा, नई दिल्ली। लंदन का हाउंस्लो इलाका एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। जिस ब्रिटेन को दुनिया सुरक्षित और सख्त कानूनों वाले देश के तौर पर देखती है, वहीं से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो समाज और सिस्टम- दोनों को कटघरे में खड़ा कर देती हैं।
ग्रूमिंग गैंग.... एक बार फिर चर्चा में है। वही ग्रूमिंग गैंग, जिसे ब्रिटेन सालों तक नजरअंदाज करता रहा। राजधानी लंदन के हाउंस्लो से सामने आई इस घटना ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि क्या सिस्टम पीड़ितों को समय पर सुरक्षा देने में नाकाम हो रहा है, या फिर अपराधी आज भी कानून से एक कदम आगे हैं?
हाउंस्लो (Hounslow) में क्या हुआ?
12 जनवरी 2026 को हाउंस्लो में हुई एक घटना ने पूरे लंदन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए। यहां 14 साल की एक सिख लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जब इस घटना की भनक स्थानीय सिख समुदाय को लगी तो उन्होंने तुरंत पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन जब वहां से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो समुदाय ने खुद मोर्चा संभाल लिया।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब करीब 200 सिखों ने उस घर को घेर लिया, जहां लड़की को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। भीड़ के बढ़ते दबाव और गुस्से को देखते हुए आरोपी घबरा गए और आखिरकार लड़की को छोड़ना पड़ा।
सबसे पहले समझते हैं: ग्रूमिंग गैंग क्या है और कैसे काम करता है
ग्रूमिंग गैंग क्या है?
ग्रूमिंग गैंग ब्रिटेन में एक संगठित अपराध नेटवर्क है, जो कम उम्र की लड़कियों को अपना शिकार बनाता है। इसमें शामिल अपराधी नाबालिगों को बहलाकर, फुसलाकर और लालच देकर यौन शोषण के लिए तैयार करते हैं। ब्रिटेन की न्यूज़ मैगज़ीन और वेबसाइट ‘द वीक’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस गैंग के सदस्य लड़कियों को दोस्ती, पैसे, शराब, ड्रग्स और अन्य प्रलोभनों के जरिए फंसाते हैं।-1768568951792.png)
ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग कब से सक्रिय है?
ग्रूमिंग गैंग की समस्या ब्रिटेन में कम से कम 2000 के दशक की शुरुआत से सामने आई। खासकर 2002 में केघली (Keighley), इंग्लैंड में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामलों में अचानक वृद्धि देखी गई। इस बढ़ती समस्या पर सांसद एन. क्रायर ने संसद में चेतावनी दी कि कुछ इलाकों में लड़कियों को योजना बनाकर यौन शोषण के जाल में फंसाया जा रहा है और इन मामलों में कभी-कभी कई पुरुष शामिल होते हैं।
सांसद एन क्रायर की क्या थी चेतावनी?
संसद में क्रायर ने साफ शब्दों में कहा कि इस गैंग में आरोपी पुरुषों का एक हिस्सा अल्पसंख्यक समुदायों का है। उस समय यह बात सभी के लिए असहज और विवादास्पद थी।
क्यों? क्योंकि ब्रिटेन में मल्टीकल्चरिज़्म और कम्युनिटी हार्मनी एक राजनीतिक हॉट टॉपिक था। लेकिन 2008–2014 के बीच कुछ ऐसा हुआ कि ब्रिटेन में रहने वाली महिलाएं खौफ में आ गईं।
द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक, रॉदरहैम में इन घटनाओं में अचानक तेजी से बढ़ोतरी हुई और करीब 1,400 बच्चे, जिनमें अधिकांश लड़कियां थीं, यौन शोषण का सामना करने लगे। पीड़ितों में सबसे ज्यादा 12 से 16 साल की लड़कियां थीं। 2014 में यह आकंड़ा एलेक्सिस जे ने तैयार किया और यूके पार्लियामेंट की वेबसाइट पर भी प्रकाशित हुआ। खास बात यह कि रॉदरहैम, सॉलफ़ोर्ड और बर्नली के मामलों में आरोपी पाकिस्तानी मूल के पाए गए।
2010 में पांच गिरफ्तारी
दक्षिण यॉर्कशायर के रोदरहैम में ग्रूमिंग गैंग का खुलासा हुआ, जिसमें पांच पुरुषों को दोषी ठहराया गया। इन पर लड़कियों को गुमराह करने, शराब, सिगरेट आदि देकर उनका यौन शोषण करने और कई बार बलात्कार करने के आरोप थे। हालांकि, अब ये सभी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। यह सभी पाकिस्तानी मूल के पाए गए थे।
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ब्रिटेन में तेजी से बढ़ रही पाकिस्तानी आबादी
सामाजिक दृष्टि से देखें तो ब्रिटेन में पाकिस्तानी समुदाय सक्रिय, कामकाजी और शिक्षा क्षेत्र में भागीदार बन गया है। आबादी बढ़ने से यह सक्रिय वोट बैंक भी बन गया है। सांसद और स्थानीय काउंसिल में भी पाकिस्तानी मूल के प्रतिनिधि बढ़े हैं। पिछले 20 सालों का रिकॉर्ड देखें तो पाकिस्तानी आबादी लगभग दोगुनी हुई है। ब्रिटेन में जनगणना हर 10 साल में होती है:
- 2001 Census – लगभग 747,000 पाकिस्तानी मूल के लोग
- 2011 Census – लगभग 1,112,000
- 2021 Census – लगभग 1,588,000

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