India UK FTA: ब्रिटिश मीडिया में छाया रहा भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, ब्रेक्सिट से की गई तुलना
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते की ब्रिटिश मीडिया ने सराहना की है। मीडिया की ओर से कहा गया कि यह एक ऐसे बाजार का द्वार खोलता है जो 2050 तक चीन के बाद दूसरे स्थान पर आ सकता है। कई ब्रिटिश मीडिया संस्थानों ने इसे ब्रेक्सिट के बाद की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। बता दें कि ब्रिटेन अब यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है।
पीटीआई, लंदन। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते की ब्रिटिश मीडिया ने सराहना की है। मीडिया की ओर से कहा गया कि यह एक ऐसे बाजार का द्वार खोलता है जो 2050 तक चीन के बाद दूसरे स्थान पर आ सकता है।
कई ब्रिटिश मीडिया संस्थानों ने इसे ब्रेक्सिट के बाद की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। मीडिया जगत की ओर से कहा गया कि यह केवल इसलिए संभव हुई, क्योंकि ब्रिटेन अब यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है।
डेली एक्सप्रेस ने, ''भारत के साथ अरबों पाउंड का ब्रेक्सिट व्यापार समझौता ब्रिटेन के लिए अच्छा क्यों है?'' शीर्षक से खबर प्रकाशित किया। इसमें लिखा भारत के साथ ब्रिटेन के शानदार व्यापार समझौते ने आज सुबह यूरोपीय संघ में बने रहने वालों को बेचैन कर दिया होगा।
द टाइम्स के विश्लेषण का निष्कर्ष है कि भारत के साथ ब्रिटेन का व्यापार समझौता प्रयास के लायक है क्योंकि यह एक ऐसे बाजार का द्वार खोलता है जो 2050 तक चीन के बाद दूसरे स्थान पर आ सकता है।''
इस बीच, फाइनेंशियल टाइम्स ने प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन यात्रा के बारे में काफी आशावादी कवरेज दी, जो लगभग पूरी तरह से एफटीए या सीईटीए के इर्द-गिर्द घूमती रही, तथा टैरिफ कटौती पर मोटर वाहन क्षेत्र की मौन प्रतिक्रिया की ओर इशारा किया।
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