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    ब्रिटेन में भारतीय व्यक्ति गिरफ्तार, नाबालिग लड़कियों की ऑनलाइन ग्रूमिंग का लगा आरोप 

    Updated: Thu, 08 Jan 2026 07:20 PM (IST)

    ब्रिटेन के कोवेंट्री में एक भारतीय व्यक्ति गुरजीत जीतेश को नाबालिग लड़कियों की ऑनलाइन ग्रूमिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह लगभग तीन महीने पहल ...और पढ़ें

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    ब्रिटेन में गिरफ्तार हुआ भारतीय शख्स।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार देर रात ब्रिटेन के कोवेंट्री शहर में एक भारतीय व्यक्ति को नाबालिग लड़कियों के साथ ऑनलाइन ग्रूमिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी का एक वीडियो ऑनलाइन खूब शेयर किया जा रहा है।

    एक्स पर एक पोस्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किया गया व्यक्ति गुरजीत जीतेश करीब तीन महीने पहले ब्रिटेन आया था और एक स्टूडेंट अकोमोडेशन में रह रहा था। पोस्ट में कहा गया है, "कल रात कोवेंट्री में भारतीय व्यक्ति गुरजीत जीतेश को ऑनलाइन कई नाबालिग लड़कियों को ग्रूम करने और उनसे मिलने की व्यवस्था करने के आरोप में पकड़ा गया और गिरफ्तार किया गया।" इसमें कहा गया है कि वह 12 हफ्तों से देश में था और स्टूडेंट हाउसिंग में रह रहा था।

    वीडियो में क्या दिखाया गया?

    वीडियो में जीतेंश को पकड़े जाने के बाद कई बार माफी मांगते हुए देखा जा सकता है। एक पुरुष और एक महिला जीतेश को डांटते हुए और उसे यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उसे निकाल दिया गया है। बातचीत से यह भी पता चलता है कि जीतेश को एक 14 साल की लड़की बनकर बात कर रहे एक पुलिस वाले के साथ चैट करते हुए पकड़ा गया था।

    जीतेश को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "मुझे माफ कर दो, प्लीज। बस मुझे एक चेतावनी दे दो, प्लीज।" इस पर एक व्यक्ति जवाब देता है, "एक चेतावनी? खिड़की से बाहर देखो। वो पुलिस है। कोई चेतावनी नहीं मिलेगी। मुझे माफ करना। बहुत देर हो गई। मैं ऐसा नहीं करूंगा। बहुत देर हो गई।"

    फिर वह जीतेश से उसके वीजा की अवधि पूछता है तो जीतेश अगले दिसंबर तक बताया है लेकिन, जीतेश को बताया जाता है कि इसे घटाकर चार महीने कर दिया गया है। यूके में नाबालिगों की ऑनलाइन ग्रूमिंग के कथित मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। गिरफ्तारी के बाद आमतौर पर डिटेल में जांच होती है, जिसमें डिजिटल फोरेंसिक और इंटरव्यू शामिल होते हैं। जिसके बाद प्रॉसिक्यूटर तय करते हैं कि आरोप लगाए जाने चाहिए या नहीं।

    अधिकारियों जारी नहीं किया कोई बयान

    ब्रिटेन के अधिकारियों ने अभी तक आरोपों पर कोई बयान जारी नहीं किया है और न ही ऑनलाइन बताई गई घटनाओं के क्रम की पुष्टि की है। ऐसे सभी मामलों की तरह जांच जारी है और आरोप तब तक साबित नहीं माने जाएंगे जब तक वे कोर्ट में साबित नहीं हो जाते।

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