विचार: विकसित छत्तीसगढ़ का स्वप्न, भाजपा सरकार गठन का तीसरा साल
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने अपने गठन के तीसरे वर्ष में प्रवेश किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'मोदी की गारंटी' के तहत पीएम आवास स्वीकृति, माओवाद उन्मूलन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास पर जोर दिया।
HighLights
'मोदी की गारंटी' के तहत 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत।
माओवाद उन्मूलन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान।
'छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047' से टिकाऊ विकास का लक्ष्य।
विष्णु देव साय। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार गठन के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव 2023 में जनता ने हम पर जो भरोसा जताया, उसे पूरा करने के लिए हमने जिस राजनीतिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया, उससे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में बदलाव देखा जा सकता है। गरीब, किसान, महिलाएं, जनजातीय समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता में है।
हमने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति का निर्णय लिया। पीएम आवास से जुड़ी फाइल को जब हमारी कैबिनेट स्वीकृति दे रही थी, वह पल मेरे लिए अत्यंत भावुकता से भरा था। हम अंत्योदय के जिस विचार को लेकर आगे बढ़ते हैं, उसे साकार होते देखना प्रेरणादायी है। छत्तीसगढ़ देश की इकोनमी का इंजन है। बावजूद इसके माओवाद ने हमारी विकास यात्रा को काफी बाधित किया था। अब हम इसको जड़ से उखाड़ फेंकने के करीब हैं।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता : प्रधानमंत्री के ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को पूरा करने में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका है। अभी हमारा राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि वर्ष 2030 तक हम पहले स्थान पर आ जाएंगे। हमारे राज्य की कुल भूमि का 44 प्रतिशत वन क्षेत्र है, जो हमें फारेस्ट इकोनमी के असीमित अवसर प्रदान करता है। राज्य निर्माण के समय हमारी अर्थव्यवस्था का हिस्सा खनन उद्योग में ही केंद्रित था, लेकिन अब हम खाद्य प्रसंस्करण से लेकर सेवा और आइटी जैसे नए क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जहां लिथियम ब्लाक की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है। सेमीकंडक्टर कारखाना और एआइ डाटा सेंटर पार्क ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के प्रवेश द्वार बनेंगे।
नई औद्योगिक नीति के जरिए इंडस्ट्री फ्रेंडली नीतियां लेकर आए हैं। अब राज्य में उद्योग लगाने वाले लोगों को सरकारी विभागों से मंजूरी के लिए चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के जरिये सभी आवश्यक मंजूरी एक क्लिक पर मिल रही है। राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में अब सरकारी भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी किया जा रहा है, ताकि युवाओं को स्पष्ट जानकारी मिल सके और अनिश्चितता समाप्त हो।
विकसित भारत का लक्ष्य : हमारी सरकार के लिए सुशासन अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने का मूल मंत्र है। हमने पिछले दो वर्षों में पारदर्शी और परिणाम आधारित शासन देने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं। ई-गवर्नेंस की ताकत को पहचानते हुए हमने प्रशासनिक प्रणाली में उत्तरदायित्व को बढ़ाया है। टिकाऊ विकास के लिए तात्कालिक समाधान के साथ ही दीर्घकालिक कार्य योजनाएं जरूरी होती हैं। हमने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें उद्योग, शिक्षा, कौशल विकास, एमएसएमई, पर्यटन, चिकित्सा समेत अलग-अलग क्षेत्र को चिन्हित करके उनके विकास के लिए चरणबद्ध रणनीति और मिशन तैयार किए हैं।
लोगों को सुविधाजनक जीवनशैली तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने ईज आफ लाइफ और ईज आफ बिजनेस का मंत्र दिया। सरकारी विभागों में ई-आफिस के जरिये कामकाज में कई गुना तेजी और पारदर्शिता आई है। यह नवाचार कागज की बर्बादी भी रोकता है। हमारे प्रदेश की पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के जरिये आधार, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा बैंकिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों तक एक क्लिक पर ही पहुंच रही हैं। रजिस्ट्री और नामांकन जैसी प्रक्रिया को हमने आसान बनाया है। न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ते हुए हमने पिछले डेढ़ साल में चार सौ से अधिक नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए हैं।
जैव विविधता की पहचान वाले प्रदेश में बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं और होम-स्टे का आनंद ले रहे हैं। पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए जो भी नीतिगत निर्णय और सार्थक पहल की गईं, वह प्रदेश की जनता के विश्वास से मिली ऊर्जा का ही परिणाम है। जनता ने भाजपा और मुझ पर जो भरोसा किया, उसके अनुरूप दिन-रात मेहनत की है, अभी बहुत कुछ करना बाकी है। हमारे सामने अनगिनत सपने हैं। गांवों की खुशहाली, नौजवानों के लिए नए अवसर, माताओं-बहनों की सुरक्षा और सम्मान, किसानों की समृद्धि और आदिवासी अंचलों की तेज गति से प्रगति। ये केवल राजनीतिक वादे नहीं, बल्कि दिल से जुड़े संकल्प हैं, जिन्हें पूरा करना हमारी वैचारिक प्रतिबद्धता है। आने वाले समय में और अधिक परिश्रम, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ छत्तीसगढ़ को विकास, सुशासन और संवेदना के नए शिखर तक ले जाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
(लेखक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं)












