बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या से यही स्पष्ट हो रहा है कि वहां चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदुओं की हत्याओं का सिलसिला कायम रहने के बाद भी वहां की अंतरिम सरकार न्यूनतम गंभीरता का परिचय देने से इन्कार कर रही है। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार हिंदुओं की हत्याओं को या तो सांप्रदायिक हिंसा मानने से इन्कार कर दे रही है या फिर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की खोखली बातें करके कर्तव्य की इतिश्री कर ले रही है।

वह कुछ घटनाओं को आपसी रंजिश या दुर्घटना भी बता दे रही है। उसे यह आभास होना चाहिए कि अराजक माहौल आपसी रंजिश भुनाने का जरिया बनता है। इसकी भी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए कि हिंदुओं की हत्याओं के मामले तो सामने आ जाते हैं, लेकिन उनके घर जलाने, जमीन कब्जाने और उनकी महिलाओं से छेड़छाड़ करने की घटनाएं दबी ही रह जाती हैं।

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ माहौल कितना विषाक्त हो गया है, इसे इससे समझा जा सकता है कि वहां हिंदू अधिकारियों-कर्मचारियों को लांछित किया जा रहा है और हिंदू नेताओं को चुनाव में भाग लेने से रोकने की भी कोशिश की जा रही है। यह सब इसीलिए हो रहा है, क्योंकि वे कट्टरपंथी ताकतें अंतरिम सरकार के संरक्षण में हैं, जो भारत विरोध के लिए जानी जाती हैं।

हिंदुओं को प्रताड़ित करने के लिए वहां उनके और भारत के खिलाफ सुनियोजित अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं। यह एक अफवाह ही थी कि छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मारने वाला भारत भाग गया है। बांग्लादेश सरकार ने सब कुछ जानते हुए भी इस झूठ पर लगाम लगाने की कोशिश नहीं की। उसकी पोल तब खुली जब उस्मान हादी के हत्यारोपित के दुबई में होने की सूचना आई।

बांग्लादेश सरकार यह अच्छी तरह जान रही है कि हिंदुओं को लगातार निशाना बनाए जाने से भारत में लोग उद्वेलित हो रहे हैं, लेकिन वह हालात सामान्य करने के लिए कोई कदम उठाने के बजाय संबंधों को बिगाड़ने वाले काम कर रही है। पिछले दिनों जब आइपीएल की टीम केकेआर ने उसके क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को टीम में न रखने का फैसला किया तो बांग्लादेश ने यह समझने की जरूरत नहीं समझी कि आइपीएल में उसकी मौजूदगी स्टेडियमों में माहौल बिगाड़ने का ही जरिया बनती।

केकेआर के फैसले के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी-20 विश्व कप के लिए अपनी टीम भारत भेजने से मना तो किया ही, आइपीएल प्रसारण पर भी रोक लगा दी। इसे कुल मिलाकर बात बिगाड़ने वाला रवैया ही कहा जाएगा। उसके ऐसे रवैये के कारण ही उन तत्वों का दुस्साहस बेलगाम है, जो हिंदुओं को निशाना बनाने के साथ भारत के खिलाफ आग उगलने में लगे हुए हैं।